rush out of bank in moradabad
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500 और 1000 रुपये के नोटाें पर पाबंदी के बाद गुरुवार को पहली बार बैंक खुले तो पब्लिक बंद हो चुके नोटों को जमा कराने के लिए बैंकों पर टूट पड़ी। पहले ही दिन विभिन्न बैंकों की महानगर स्थित ब्रांचों पर 600 करोड़ रुपये से अधिक के 1000 और 500 रुपये के पुराने नोट पब्लिक ने जमा किए हैं।
यह आंकड़ा बैंकों के रूटीन कारोबार का दस गुना से अधिक है। नोट निकासी की लिमिट तो 4000 रुपये प्रतिदिन है लेकिन जमा करने की कोई लिमिट नहीं है। पब्लिक ने इसका पूरा फायदा उठाया और पहले ही दिन बैंकों में 1000- 500 के छह सौ करोड़ रुपये जमा करा दिए।
हजार और पांच सौ के नोट बंद होने की जानकारी मिलने के बाद से अफरातफरी मची हुई थी। हालांकि बैंक खातों में पुराने नोट जमा करने के लिए पब्लिक को 30 दिसंबर तक की छूट सरकार ने दी है लेकिन पब्लिक जल्द से जल्द पुराने नोटों को बैंक खातों तक पहुंचा देना चाहती है।
पब्लिक की इस जल्दबाजी को इस बात से समझा जा सकता है कि एसबीआई, पीएनबी, सिंडिकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक समेत छह प्रमुख बैंकाें में पहले ही दिन 100- 100 करोड़ रुपये जमा किए गए। एबीआई की मेन ब्रांच में 1600 लोगों ने पैसे एक्सचेंज किए जबकि 450 लोगों ने जमा किए।
प्रथमा बैंक, सिंडीकेट, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, कारपोरेशन, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ पटियाला जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के साथ ही प्राइवेट सेक्टर की एक्सिस, एचडीएफसी जैसी बैंकों में दिन रुपये जमा करने वालों की लाइन लगी रहीं। हेड पोस्ट आफिस में ही एक करोड़ का कैश जमा हुआ है।