धर्मांतरण मामले में फंसे कांठ निवासी दोनों भाइयों को कोर्ट से राहत मिल गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को जमानत मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए हैं। मुरादाबाद के कांठ थाने में पांच दिसंबर को धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत पहला केस दर्ज किया गया था जिसमें कांठ नगर के मोहल्ला पट्टेगंज निवासी राशिद और उसके भाई सलीम को नामजद किया गया था।
बिजनौर निवासी महिला ने दोनों भाइयों पर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी का धर्मांतरण कराकर शादी कराने की कोशिश की गई है। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। तब से दोनों भाई जेल में बंद हैं। पुलिस ने इस मामले में पीड़ित युवती के न्यायालय में 164 के बयान कराए थे जिसमें युवती ने बताया था कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है। कांठ थाने की पुलिस ने मामले की जांच की।
जांच में जबरन धर्म परिवर्तन कराने के साक्ष्य न मिलने पर पुलिस ने रिमांड न लेने का निर्णय लिया। इसके अलावा 169 की रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की। शुक्रवार को इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने युवती के बयान और पुलिस की ओर से लगाई गई 169 की रिपोर्ट के आधार पर दोनों भाइयों की जमानत मंजूर कर दी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 50-50 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश कर दिए हैं।