डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ दर्ज 34 मुकदमों में से सभी में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दर्ज 44 मुकदमों में से दो में उनकी नामजदगी झूठी पाई गई है, 41 में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर दी गई और एक मुकदमे में अभी विवेचना जारी है।
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों से अधिकांश में उनकी जमानत हो चुकी है। सिर्फ दो मुकदमों में जमानत बाकी है। इसी तरह से डॉ. तजीन फात्मा की दो मुकदमों और अब्दुल्ला की तीन मुकदमों में जमानत नहीं हुई है।
जल्द पूरा हो जाएगा आजम के मुकदमों का शतक
पुलिस ने आजम खां का नाम गंज थाने में दर्ज 11 मुकदमों की विवेचना के दौरान शामिल कर लिया है। आरोप है कि आजम खां के कहने पर आरोपियों ने डूंगरपुर के लोगों के घरों को उजाड़ा था। पुलिस ने इन मुकदमों में आजम खां को आईपीसी की धारा 120-बी (षडयंत्र रचने) का आरोपी बनाया है। एसपी शगुन गौतम का कहना है कि इन मुकदमों में चार्जशीट दाखिल होते ही आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या 102 हो जाएगी।
लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खां पर भाजपा की प्रत्याशी जयाप्रदा पर अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में शाहबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे की विवेचना अभी जारी है।
एसपी शगुन गौतम का कहना है कि आजम खां ने भाजपा की प्रत्याशी और पूर्व सांसद जयाप्रदा के खिलाफ जो टिप्पणी की थी, उसकी सीडी जांच को भेजी गई है। जांच की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
2019 में ही अब्दुल्ला की विधायकी रद्द करने का फैसला आया
रामपुर सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार से निर्वाचित हुए थे। नामांकन के वक्त उनकी उम्र को कम बताते हुए बसपा के प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने उनके निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला की विधायकी रद्द कर दी थी। हालांकि अब्दुल्ला ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जो अभी विचाराधीन है।