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मिड-डे मील बनाते समय प्राइमरी स्कूल में लगी आग

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गिन्नौर दी माफी गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को भोजन बनाते समय सिलिंडर में अचानक आग लग गई। सिलिंडर में लगी आग थोड़ी देर में स्कूल परिसर में फैल गई। स्कूल में अफरातफरी मच गई। स्कूल के सहायक अध्यापक ने अपनी जान पर खेल पर आग पर काबू पाया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसा सिलिंडर में लगी पाइप के फटी होने की वजह से बताई गई है। इस संबंध में एबीएसए उमेंद्र दत त्रिपाठी ने बताया की आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी।
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क्षेत्र के गिन्नौर दी माफी गांव स्थित प्राइमरी स्कूल में हादसा सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र कुमार की सूझबूझ से टल गया। गांव के स्कूल में 80 बच्चे हैं। स्कूल में रसोई नहीं बनी हुई है। भोजन स्कूल के एक कमरे में बनाया जाता है। रसोइयां मिथलेश देवी भोजन तैयार कर रही थी। अचानक खाना बनाते बनाते सिलिंडर में आग लग गई। कुछ ही दूरी पर बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र कुमार सिंह ने बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया। रसोइयां को भी कमरे से बाहर निकाला। सहायक अध्यापक ने एक बोरी को पानी में भीगो कर आग बुझाने में जुट गए। इसके बाद लोगों ने पानी और रेत डाल कर आग पर काबू पाया गया।
सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया की स्कूल के प्रधानाचार्य की ड्यूटी बाहर प्रतियोगिता में लगी हुई है। आगे हादसा न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। एबीएसए उमेंद्र दत त्रिपाठी ने बताया की आग लगी थी। इस पर स्कूल स्टाफ ने काबू पा लिया था। आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी।
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प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूल में कायाकल्प योजना शुरू करके उनको प्राइवेट स्कूलों की तरह बनाने का दावा किया था। वर्तमान में स्कूलों की हकीकत कुछ और ही है। यहां तक की स्कूलों में आग बुझाने के उपकरण तक नहीं हैं। मिड-डे मील बनाने के लिए अच्छी रसाई नहीं है। स्कूल में अध्यापक पहले आग बुझाने के उपकरण की तलाश करने के लिए पहुंचे, लेकिन उसमें गैस ही नही थी। वह सिलिंडर खाली पड़े थे। इसके बाद सहायक अध्यापक ने रेत और गीली टाट पट्टी से आग पर काबू पाया था।
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