मुरादाबाद। कांठ रोड पर नर्सिंग सुपरवाइजर का शव रखकर जाम लगाने के मामले में सिविल लाइंस थाने में पुलिस ने 60 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
भोजपुर थानाक्षेत्र के सेहल गांव निवासी भूपेंद्र पांडे एशियन विवेकानंद अस्पताल में नर्सिंग सुपरवाइजर था। इसके अलावा वह गांव में क्लीनिक और मेडिकल स्टोर भी चलाता था। भूपेंद्र की शादी तीन साल पहले रामपुर के गंगापुर निवासी साधना के साथ हुई थी। 16 दिसंबर की रात भूपेंद्र और साधना के बीच विवाद हुआ था। 17 दिसंबर की सुबह साधना के भाई प्रदीप के फोन करने पर डायल 112 की पुलिस गाड़ी लेकर मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस ने डंडों से पीटने के बाद भूपेंद्र को अपनी गाड़ी में डाल लिया था। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी में देखा तो भूपेंद्र की मौत हो गई थी।
पुलिस कर्मी भूपेंद्र को लेकर विवेकानंद अस्पताल पहुंच गए थे। कुछ ही देर में ग्रामीण और परिजन भी आ गए थे। यहां विवेकानंद अस्पताल के सामने कांठ रोड पर शव रखकर दो घंटे तक जाम लगाकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई के आश्वासन पर ही लोग शांत हुए और शव पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया था।
अब जाम लगाने के मामले में सिविल लाइंस थाना प्रभारी रवींद्र प्रताप सिंह की ओर से 60 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो से आरोपियों की पहचान की जा रही है। विवेचना के दौरान आरोपियों के नाम खोले जाएंगे।