मुरादाबाद। पूर्व मंत्री और रामपुर के सपा सांसद मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब वह कोसी नदी से कत्थे के 300 से ज्यादा पेड़ कटवाने के मामले में फंस गए हैं। एनजीटी के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद प्रशासन ने आजम के खिलाफ रिपोर्ट एनजीटी को भेज दी है। रिपोर्ट में आजम खां पर कोसी नदी से अवैध रूप से कत्थे के पेड़ों को कटवाने का आरोप है। कोसी नदी की करीब 12 एकड़ भूमि आजम की यूनिवर्सिटी को लीज पर दिए जाने के मामले में भी अधिकारियों ने पड़ताल शुरू कर दी है।
प्रदेश में सपा की सरकार के दौरान आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी को कोसी नदी की 12 एकड़ से अधिक भूमि लीज पर दी गई थी। जांच में पता चला है कि भूमि पर लीज पर देने के प्रस्ताव में इस तथ्य को छुपाया गया कि भूमि नदी की है। शासन ने भी भूमि के प्रकार की बाबत कोई छानबीन कराना जरूरी नहीं समझा। आजम की यूनिवर्सिटी को कोसी की जो भूमि लीज पर दी गई उसमें कत्थे के 300 से ज्यादा पेड़ भी खड़े थे। जिन्हें यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कटवा दिया। इस मामले में पिछले दिनों राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने रिपोर्ट तलब की थी। कमिश्नर यशवंत राव के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की थी। यह रिपोर्ट एनजीटी को भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट में 300 से अधिक पेड़ों के अवैध रूप से कटान की बात सामने आई है। कमिश्नर यशवंत राव ने जांच रिपोर्ट एनजीटी को भेजे जाने की पुष्टि की है। प्रकरण एनजीटी में लंबित होने का हवाला देकर उन्होंने अधिक कुछ बताने से इंकार कर दिया। कमिश्नर ने कहा कि आगे की जो भी कार्रवाई होगी वह एनजीटी से होगी। कोसी की भूमि तथ्य छुपाकर लीज पर दिए जाने के सवाल पर कमिश्नर का कहना था कि नियमानुसार मामले में कार्रवाई होगी।