उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन जुगल किशोर वाल्मीकि के खिलाफ बिलारी में उपचुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन में फंस गए हैं। उनके खिलाफ निर्वाचन आयोग में शिकायत की गई थी उन्होंने बिना अनुमति के बिलारी क्षेत्र में सभा की और वाल्मीकी समाज के लोगों लालच दिया कि वह चालीस हजार सफाई कर्मचारियों की भर्ती कराएंगे।
कोतवाली बिलारी में आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मुकेश वाल्मीकि नाम के व्यक्ति ने निर्वाचन आयोग में शिकायत कर कहा कि 17 मई को सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन जुगल किशोर वाल्मीकि बिलारी में आए और उन्होंने प्रशासन से अनुमति लिए बगैर सपा प्रत्याशी फहीम के पक्ष में कई सभाएं कीं।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्हाेंने 40 हजार सफाई कर्मियाें को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर मंत्री पद का दुरूपयोग किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिलारी तहसील और मुरादाबाद जिले का प्रशासन प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री के दबाव में है इसी वजह से स्थानीय प्रशासन को शिकायत करने के बाद भी आयोग के चेयरमैन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि सफाई आयोग के चेयरमैन ने बिलारी के वाल्मीकि समाज को सपा प्रत्याशी के पक्ष में करने के लिए दबाव भी बनाया। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कोेतवाली में आयोग के चेयरमैन जुगल किशोर वाल्मीकि के खिलाफ धारा 171 सी, 171 एफ और 188 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।