नगर में मछली बाजार और विधायक आवास के पास फायरिंग प्रकरण में कोतवाली पर धरना दे रहे बसपा के पूर्व विधायक विजय यादव और उनके नौ नामजद साथियों और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
उधर पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि सीओ आले हसन सपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि सीओ का कहना है कि पूर्व विधायक आए दिन थाना में हंगामा कर सरकारी काम में बाधा डालते हैं और पुलिस प्रशासन के अस्तित्व को चुनौती दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मछली बाजार में कुछ लोगों ने फायरिंग की थी बाद में उन्होंने विधायक आवास के पास भी फायरिंग की। जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। इस मामले में पुलिस में पांच के खिलाफ नामजद और कुछ लोगों के खिलाफ अज्ञात रिपोर्ट हत्या की कोशिश के आरोप में दर्ज कराया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा की गई घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इस मामले में दो आरोपी जावेद और भूरा प्रकाश में आए हैं। पुलिस ने उनके बारे में पूछताछ की और फिर वापस लौट आई।
बाद में पूर्व विधायक ने गुरुवार को रात नौ बजे पुलिस पर जावेद और भूरा के घर तोड़फोड़ और महिला को पीटने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पर धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन देर रात जब सीओ आले हसन उनसे वार्ता के लिए आए।
तो पूर्व विधायक और सीओ में नोकझोंक हो गई। बाद में पूर्व विधायक वहां से चले गए थे। देर रात कोतवाली के एसएसआई रामसेवक ने पूर्व विधायक विजय यादव, जुबैर पुत्र जाहिद, अवनीश शर्मा पुत्र मुन्ना सिंह, संजीव चौहान पुत्र बुध सिंह, नदीम पुत्र कासिम, अनवर पुत्र अख्तर, अख्तर पुत्र शब्बीर, नफीस पुत्र शरीफ, जाहिद पुत्र जाकिर और 100 अज्ञात लोगाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि उन्होंने कोतवाली के सामने धरना देकर जाम लगा दिया। इससे लोगों को परेशानी हुई। आरोप है कि पूर्व विधायक ने जावेद और भूरा के घर दबिश देने गए पुलिस कर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी।