मुरादाबाद में दिल्ली रोड स्थित आरआर हेल्थ केयर एंड मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मझोला थाने में केस दर्ज किया गया है। मामले में बुटीक संचालक ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने उसके पिता को कोरोना का भय दिखाकर उससे 1.22 लाख रुपये हड़प लिए और पिता के इलाज में लापरवाही बरती, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नवीन नगर निवासी बुटीक संचालक सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कोर्ट में अर्जी दी थी। उनके मुताबिक उनके पिता हरीश मल्होत्रा की 30 अप्रैल 2021 को तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें लाइनपार स्थित एक निजी अस्पताल में चेकअप कराया था, जहां चिकित्सकों ने बताया था कि फेफड़ों में पानी आ गया है। इलाज कराने में ठीक हो जाएगा। सिद्धार्थ पिता को बेहतर इलाज के लिए एक मई 2021 को दिल्ली रोड स्थित आरआर हेल्थ केयर एंड मल्टी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल ले गए। यहां डॉ. राकेश खरे और डॉ. अभिनव बनर्जी ने चेक करने के बाद बताया था कि मरीज को कोराना है। डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने के लिए एक लाख रुपये जमा करवाए। इसके अलावा दवा के लिए रुपये अलग से जमा कराए गए।
तीन मई 2021 को हरीश मल्होत्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने दावा किया था कि कोरोना की वजह से मौत हुई है। सिद्धार्थ ने बताया कि जब उनके पिता का शव बाहर लाया गया तो उनके गले में पट्टी बंधी हुई थी और मुंह से झाग निकल रहा था। आरोप है कि दोनों डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे उनके पिता की मौत हो गई और कोरोना का भय दिखाकर उनसे धोखाधड़ी कर 1.22 लाख रुपये हड़प लिए। जबकि उन्होंने भर्ती कराने से पहले तीस अप्रैल 2021 को अपने पिता की कोरोना जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उन्होंने इस मामले की शिकायत सीएमओ और एसएसपी से की, लेकिन डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
सीओ बोले- तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
सीओ सिविल लाइन्स आशुतोष तिवारी का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर डॉ. राकेश खरे और डॉ. अभिनव बनर्जी के खिलाफ धोखाधड़ी और इलाज में लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया गया है। केस की विवेचना की जाएगी। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मरीज की मौत कोरोना की वजह से हुई थी। हमारे पास कोरोना की जांच रिपोर्ट हैं। इस मामले में पहले भी एडी हेल्थ और सीएमओ ऑफिस में शिकायत की गई थी। वहां से शिकायती पत्र खारिज हो गया था।
डॉ. राकेश खरे, एमडी, आरआर हेल्थ केयर एंड मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल