ठाकुरद्वारा। नगर में मुरादाबाद हाईवे पर मढ़ी मंदिर के सामने करोड़ों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर कुछ प्रभावशाली लोगों ने निर्माण कर लिया है लेकिन नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन आरोपी के सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह भूमि मंदिर के सामने गाटा संख्या 595 ग है। इस भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने की शिकायत पर नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ललित कुमार आर्य ने करीब आठ माह पूर्व संबंधित को नोटिस भी दिया था। पुलिस लेकर मौके पर अधिशासी अधिकारी पहुंचे थे लेकिन दबाव के कारण वहां निर्माण कार्य और अवैध कब्जा नहीं रुका है। इसी क्षेत्र में नगर पालिका ने आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए भूमि देने का प्रस्ताव किया था लेकिन प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाने की बजाय मंदिर की गाटा संख्या 595 में ही अस्पताल का निर्माण शुरू कराया, जो मंदिर कमेटी और हिंदू समाज के विरोध के कारण कई बार रुक चुका है। जनपद के प्रभारी मंत्री के हस्तक्षेप पर अस्पताल का निर्माण दूसरे स्थान पर करने के आदि के निर्देश दिए गए थे लेकिन उसका भी पालन नहीं हो रहा है।
शनिवार को अस्पताल के फिर से निर्माण की शिकायत पर एसडीएम ने लेखपाल भेज कर काम रुकवा दिया है। उधर नगर पालिका के पूर्व अधिशासी अधिकारी ने गाटा संख्या 595 ग में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की थी। उसकी फाइल नगर पालिका कार्यालय से गायब हो गई है। अध्यक्ष मौहम्मद इरफान सैफी से पूर्व सभासद राजेंद्र पांडे ने चार दिन पूर्व इस संबंध में शिकायत की। शिकायत पर संबंधित फाइल को ढूंढने का प्रयास किया तो वह फाइल नहीं मिल सकी। इस बारे में रविवार को नगर पालिका के अध्यक्ष मौहम्मद इरफान सैफी ने कहा कि गुम हुई अवैध निर्माण की फाइल की तलाश कराई जा रही है। शीघ्र फाइल मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।