मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने डोर टू डोर सर्वे अभियान चला रखा है। विभाग का दावा है कि चार दिनों में 5154 टीमों ने 501670 घरों का सर्वे कर लिया है। इस सबके बीच एक टीम पांच मिनट में एक घर का सर्वे कर रही है, जबकि जानकारों के मुताबिक परिवार के सदस्याें की जानकारी लेने और प्रोफार्मा भरने में कम से कम बारह से पंद्रह मिनट का समय लगता है। ऐसे में सर्वे खानापूर्ति बनकर रह गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने 24 जनवरी से डोर टू डोर सर्वे शुरू किया है। ये अभियान 29 जनवरी तक चलेगा। इसके तहत घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित टीकाकरण से वंचित जीरो से दो साल के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर रही हैं। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन की पहली डोज नहीं लेने वाले साठ वर्ष पार बुजुर्गों, कोरोना के लक्षण युक्त मरीजों, सर्दी जुकाम, बुखार, सांस के मरीजों की भी पहचान की जा रही है। ताकि कोरोना संक्रमण की चेन बनने से रोकी जा सकी।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक चार दिनों में 5154 टीमों ने 501670 घरों का सर्वे किया जा चुका है। ये सर्वे सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चल रहा है। इसके मुताबिक एक दिन में एक टीम ने 97 घरों का सर्वे किया है। इस हिसाब से एक टीम को एक घर के सर्वे में पांच मिनट का वक्त लगे। इन पांच मिनटों में टीम ने परिवार के सदस्यों का बीमारी संबंधित विवरण, टीकाकरण समेत अन्य जानकारियां ले भी ली और प्रोफार्मा में दर्ज भी कर दिया गया। जबकि इस सर्वे में कम से कम बारह से पंद्रह मिनट का समय लगता है। ऐसे में सर्वे पर सवाल उठने लगे हैं। पंद्रह मिनट का सर्वे पांच मिनट में करना, औपचारिकता ही बन रह गया है।
- 29 जनवरी तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। एक घर के सर्वे में समय, परिवार के सदस्यों की संख्या पर निर्भर करता है। अगर सदस्य कम है तो पांच से सात मिनट सर्वे पूरा कर लिया जाता है। सर्वे में सभी बिंदुओं का रखा जाता है। - डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, जिला सर्विलांस अधिकारी