ठाकुरद्वारा। गांव शिवनगर पथरखेड़ा में शुक्रवार को सुबह जंगल में गोवंश का वध कर उसका मीट पिकअप में ले जाते लोगों को पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर घेर लिया। मौके से पिता-पुत्र और पुत्री सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उनके अन्य साथी पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित अन्य पांच लोग मौके से भाग गए। पुलिस ने पिता-पुत्री और पुत्र, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित आठ लोगों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शिवनगर के जंगल में एक नलकूप के पास कुछ लोग गोवंश का वध कर तड़के करीब 3:00 बजे उसके मीट को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर पिकअप में ले जा रहे थे ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने कालाझांडा की नहर की पटरी से करीब 100 मीटर पहले पिकअप को रोक लिया। तलाशी लेने पर पांच लोग उसमें से कूद कर भाग गए। जबकि किशनपुर गांवड़ी निवासी अली हसन उसके पुत्र कमरुद्दीन और पुत्री गुलशन निवासीगण किशनपुर गांवड़ी को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ करने पर मौके से फ़रार लोगों के नाम किशनपुर गांवड़ी निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य और एचएससी इंटर कॉलेज के प्रबंधक जरीफ मलिक, थाना डिलारी के ढकिया पीरु निवासी मोहम्मद उमर, उसके मोहम्मद सगीर और उसके भाई शकील, किशनपुर गांवड़ी में निवासी शमसुद्दीन पिकअप से कूद कर भाग गए। पकड़े गए तीनों पिता-पुत्र और पुत्री ने बताया कि वे गोवंश पशु को काटकर उसका मीट बेचने के लिए ले जा रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे पहले भी उन्होंने कई बार गोवंश पशुओं को काटकर उनका मीट बेचा है। पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें से चार बोरों में 125 किलोग्राम मीट, एक कुल्हाड़ी, दो छुरे, इलेक्ट्रॉनिक कांटा आदि बरामद हुआ। पिकअप को सीज कर दिया गया। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। गिरफ्तार अली हसन उसके पुत्र कमरुद्दीन और पुत्री गुलशन का चालान कर उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया जबकि फरार पांचों अभियुक्तों की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश सिंह और सीओ रुद्र कुमार सिंह ने कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तार लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीओ रुद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को कोतवाली में गोवंश पशु का कटान करने के आरोप में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की। जिसमें पाया गया कि यह बहुत बड़ा गैंग है जो संगठित गैंग बनाकर बड़े पैमाने पर और काफी समय से गोवंश का कारोबार कर रहा है। पूछताछ करने पर पता चला कि अली हसन ने इस धंधे में अपनी काफी संपत्ति अर्जित कर ली है। उसके पास इस समय काफी खेती की जमीन भी है। उसकी संपत्ति और खेती की जमीन की जांच लेखपाल से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिए कि वह इस गैंग में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाएं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। आरोपियों पर नियमानुसार गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाए। पूछताछ करने पर अली हसन ने बताया कि उसने जिस गोवंश का कथन किया था उसने वह उसे सरकड़ा के बाजार से खरीदा था।