मिलों पर गन्ना लेकर पहुंचे किसान न तो ठंड में ठिठुरेंगे और ना ही किसी अन्य मूलभूत सुविधा के लिए भटकना पड़ेगा। सभी मिल मालिकों को गेट पर ही आवश्यक सुविधाएं जैसे पेयजल, अलाव, कंबल, रैन बसेरा आदि की व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं। जिससे गन्ना तौलाई में देरी होने पर परेशानी ना हो।
मिल के गेट पर गन्ना लेकर जाने वाले किसानों को घंटों वहां रुकना पड़ता है। कई कई तौलाई में देरी के कारण पूरी रात गेट पर ही बितानी पड़ जाती है। ऐसे में उनके पास ठंड में रात बिताने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर ठिठुरते हुए रात गुजारनी पड़ती है। ऐसी स्थिति से किसानों को बचाने मिलों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री नरेंद्र कुमार ने मिल मालिकों को आदेश किए हैं कि वे किसानों को मिल के गेट पर ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इसमें किसानों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना, अलाव और 10 से 15 कंबल गेट पर रखे जाएं।
इसके अलावा घटतौली से होने वाले नुकसान को रोकने का इंतजाम करने के भी आदेश दिए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि क्रय केंद्रों पर नायब तहसीलदार, तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों को हर हाल में निरीक्षण करना होगा।
इसके साथ ही जिला गन्नाधिकारी, उप गन्ना आयुक्त सप्ताह में एक बार क्रय केंद्रों का तकनीकी निरीक्षण करेंगे। चीनी मिलों को गन्ना मंत्री की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि गन्ना किसानों को मिल के गेट पर मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराए जाएं।