कांठ। नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसानों का आंदोलन 48 वें दिन भी लगातार जारी रहा। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा बनाते हुए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपीं।
लगातार किसान आंदोलन में डटे कांठ के कुचावली निवासी वरिष्ठ भाकियू नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने बिना किसी की राय के कृषि कानून बना दिए। इन कानूनों में किसानों का गला घोंटने का कार्य किया गया है। जिसे किसी भी दशा में देश का किसान बर्दास्त नहीं करेगा। बुधवार को लोहड़ी के पर्व पर किसान आंदोलन स्थल पर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फूंककर विरोध प्रदर्शन करेंगे और लोहड़ी का पर्व मनाएंगे। वहीं, 18 जनवरी को महिला सम्मान दिवस पर महिला किसान भूख हड़ताल और अनशन पर बैठेंगी। वहीं, इस दिन पूर्ण आंदोलन का महिला किसान नेतृत्व भी करेंगी। इसके बाद 26 जनवरी को किसान लाखों वाहनों के साथ गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे। जब तक कृषि कानूनों को खत्म नहीं किया जाएगा। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, मुरादाबाद जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी, वरिष्ठ नेता चौधरी ऋषिपाल सिंह, होशियार सिंह, बंटी ढाका, विजयपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, जितेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, रिंकू चौधरी, प्रियंक चौधरी आदि रहे।