बिलारी। सहकारी समितियों से समय पर खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। मंगलवार दोपहर गन्ना समिति के गोदाम पर तपती दोपहरी में लाइन में लगे किसानों ने खाद मिलने में देरी होन पर हंगामा शुरू कर दिया।
क्षेत्र के किसान खाद के लिए किसान सेवा सहकारी समितियों और बिलारी नगर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति के खाद गोदाम पर पहुंच रहे हैं। किसानों को पहले तो फार्मर आइडी और अन्य अभिलेख जमा करने पड़ते हैं, बाद में खाद लेने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
मंगलवार दोपहर गन्ना समिति के गोदाम पर रामधुन जिगनिया, श्रीराम सिंह रोजा, लक्ष्मण सिंह बाछल भूड़, रविंद्र सिंह जुलेहपुरा समेत अनेक किसानों ने यूरिया खाद लेने के लिए अपने अभिलेख जमा किए। दोपहर साढ़े तीन बजे तक भी जब खाद नहीं मिली तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने बताया कि गन्ना समिति का गोदाम सप्ताह भर में केवल दो दिन खुलता है और इन दो दिन में भी सुबह की बजाए दोपहर बाद से गोदाम खोला जाता है। अधिकतर समय गोदाम बंद रहने से किसानों को मायूस लौटना पड़ता है।
समिति गोदाम पर खाद वितरण कर रहे गन्ना परिषद के पर्यवेक्षक आशीष शुक्ला ने बताया कि उन्हें अपने क्षेत्र में जाकर गन्ना का सर्वे भी करना पड़ता है समय कम मिलने की वजह से सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद का गोदाम खुल पाता है। पर्यवेक्षक के अनुसार फिलहाल गोदाम में 275 बोरी यूरिया और 235 बोरी डीएपी उपलब्ध है।
इस संबंध में बिलारी गन्ना परिषद के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि गन्ना समिति बिलारी के खाद गोदाम पर खाद वितरण के लिए अलग से स्टाफ तैनात नहीं है। मजबूरन गन्ना परिषद के पर्यवेक्षकों को खाद वितरण के काम में लगाना पड़ रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गन्ना समिति के गोदाम पर खाद लेने वाले आने वाले किसानों को कोई समस्या नहीं होगी।