मुरादाबाद। भाकियू चढ़ूनी के किसानों ने सेंचुरी पेपर मिल स्थित जमीन के मामले को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने जमीन प्रकरण का समाधान करने का आश्वासन दिया था। इस विवाद में निर्णय नहीं देने पर संगठन 26 जून को जिला मुख्यालय पर महापंचायत करेगा।
भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी सूबे सिंह डागर के नेतृत्व में किसान शुक्रवार की दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे। किसान नेताओं ने बताया कि 1989 में सरकार ने पांच गांव भुड़ानपर, ऐतमाली, गझेड़ासैद मानपुर, बथुवाखेड़ा, ऐतमाली मुस्तकीम की लगभग 800 एकड़ जमीन नेपा लिमिटेड के नाम से अधिगृहीत की गई। जमीन पर 1990 में सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया था। उस समय एसएलओ के अवार्ड से किसान संतुष्ट नहीं थे। नेपा ने 1994 में नीलामी के माध्यम से जमीन सेंचुरी टैक्सटाइल्स एंड इंडस्ट्री लिमिटेड को दिया। इस मामले को लेकर किसान कोर्ट गए। कोर्ट ने किसानों के पक्ष में निर्णय लिया और स किसानों की प्रस्तावित धनराशि भी बढ़ाई गई। उस समय सेंचुरी टेक्सटाइल्स कोर्ट गई थी। लेकिन हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। अब सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन ने कोर्ट से स्थगनादेश लाया है। यथा स्थिति कायम करने के लिए किसानों ने 22 मई को जिले के अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस मामले में ज्ञापन देकर किसानों नेताओं ने चेताया कि यदि जिला प्रशासन 25 जून तक कोई निर्णय नहीं लेगा तो संगठन के लोग 26 जून को जिला मुख्यालय पर महापंचायत करेंगे। इस दौरान नफीस मेवाती, कुलदीप गुड्डू सहित कई किसान नेता मौजूद थे।