मुरादाबाद। मझोला के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आरटीओ दफ्तर में घुसकर एक युवक ने कर्मचारी पर तमंचा तानकर अवैध कार्य करने के लिए दबाव बनाया। कर्मचारी ने विरोध किया तो आरोपी ने अभद्रता की और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। इस दौरान आरोपी ने कर्मचारियों से रंगदारी भी मांगी। कर्मचारियों ने हिम्मत जुटाकर आरोपी को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी आलमगीर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आरटीओ कार्यालय के प्रवर्तन शाखा में तैनात कनिष्ठ सहायक विवेक दुबे ने मझोला थाने में दर्ज कराए केस में बताया कि बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे वह अपने पटल पर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वहां कुंदरकी थानाक्षेत्र के डोमघर निवासी आलमगीर आ गया। विवेक दुबे का आरोप है कि उसने कार्यालय में घुसते ही अवैध कार्य के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। विवेक ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने अभद्रता शुरू कर दी। मेज पर रखे चालान, सीजर और न्यायालय से संबंधित दस्तावेज फाड़ दिए। इसके बाद आरोपी ने अपनी जेब से तमंचा निकाल लिया और विवेक दुबे की ओर तानकर गोली मारने की धमकी दी।
इस घटना से कार्यालय में हड़कंप मच गया। शोरशराबा होने पर अन्य कर्मचारी भी मौके पर आ गए। उन्होंने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने कर्मचारियों पर तमंचा लहराकर गोली मारने की धमकी देते हुए रंगदारी मांगी। इसके बाद कुछ कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया और आरोपी को पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट और रंगदारी मांगने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी आलमगीर को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
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कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के साथ भी चुकी हैं अभद्रता
मुरादाबाद। मझोला थाने में केस दर्ज करने वाले विवेक दुबे ने बताया कि कार्यालय में आए दिन कर्मचारियों के साथ अभद्रता की जा रही है। जिस कारण कर्मचारियों का कार्य करने मुश्किल हो गया है। परिवहन अधिकारी नरेंद्र सिंह छावड़ा और निरीक्षक (प्राविधिक) पवन कुमार सोनकर के अलावा स्टाफ में मोहम्मद जाकिर, गौरव, मनोज कुमार, अनीश अहमद, सुभांगी, सचिन श्रीवास्तव, सतेंद्र कुमार, शशांक ने भी थाने पहुंचकर बताया कि कार्यालय में आकर लोग अवैध कार्य के लिए दबाव बनाते हैं। महिला कर्मियों से भी अभद्र व्यवहार किया जाता है।