फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: पूर्व मंत्री और संभल के बहजोई से दो बार विधायक रहे अकीलुर्रहमान बसपा से निष्कासित, सपा में हो सकते हैं शामिल

Thu, 28 Oct 2021 12:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, संभल

सार

अकीलुर्रहमान खां को 2012 में असमोली, 1996 में बहजोई और 1993 में मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट से चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बसपा के साथ लगभग 29 साल के सियासी सफर में वह मुरादाबाद मंडल के अध्यक्ष, बरेली और मुरादाबाद मंडल के प्रभारी रहे थे।
विज्ञापन
moradabad - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी सरकार में मंत्री रह चुके अकीलुर्रहमान खां को बसपा ने निष्कासित कर दिया है। वह बहजोई सीट से दो बार विधायक का चुनाव जीते थे। बसपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि पार्टी हाईकमान ने यह कार्रवाई उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों पर की है। पार्टी विरोधी गतिविधियों पर उन्हें पूर्व में हिदायत भी दी गई थी।

विज्ञापन


अकीलुर्रहमान खां ने 1992 में बसपा का दामन थामा था। वर्ष 2002 में वह बहजोई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर प्रदेश सरकार में मंत्री बने थे। 2007 में भी बहजोई विधानसभा क्षेत्र से उन्हें जीत मिली थी। वर्ष 2014 उन्होंने बसपा के टिकट पर संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके थे। 2017 में वह असमोली विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में आए थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

इससे पूर्व 2012 में असमोली, 1996 में बहजोई और 1993 में मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट से चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बसपा के साथ लगभग 29 साल के सियासी सफर में वह मुरादाबाद मंडल के अध्यक्ष, बरेली और मुरादाबाद मंडल के प्रभारी रहे थे। इसके अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र व उत्तराखंड में भी पार्टी की जिम्मेदारी संभाली थी।
विज्ञापन


पति के निष्कासन से आहत तरन्नुम ने छोड़ी बसपा
पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान खां के बसपा से निष्कासन पर उनकी पत्नी तरन्नुम अकील ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। वह 1995 और 2000 में संभल की नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। 2007 में उर्दू एकेडमी की चेयरमैन बनाई गई थीं। इस पद पर उन्होंने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। तरन्नुम अकील ने मुरादाबाद लोकसभा सीट से भी 2004 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। तरन्नुम अकील का कहना है कि उनके पति ने 29 वर्ष तक बसपा के लिए समर्पण से कार्य किया। अचानक उन्हें निष्कासित किए जाने से आहत होकर वह पार्टी छोड़ने के फैसले पर मजबूर हुई हैं।

सपा हो सकती है अगला घर
अकीलुर्रहमान खां के बसपा से निष्कासन के बाद उनके सपा में शामिल होने की संभावनाओं की चर्चा तेज हो गई है। इस तरह की कयासबाजी के बाबत पूछे जाने पर अकीलुर्रहमान खां ने सीधा जवाब नहीं दिया। कहा कि साथियों की राय से अगला कदम तय किया जाएगा।

मैं 29 वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहा था। बेहतरीन कार्यकर्ता के तौर पर मेहनत से कई कार्य किए। अब पार्टी ने जो निर्णय लिया है, वह भी स्वीकार है। बसपा को अलविदा कहता हूं। जल्द अपने साथियों के साथ वार्ता करके अगला निर्णय लूंगा ।- अकीलुर्रहमान खां, पूर्व मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें