मुरादाबाद। मशहूर शायर जिगर मुरादाबादी के शहर में जिगर (लिवर) कमजोर पड़ने लगा है। जिले में तेजी से लिवर के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिले में 26 महीनों से चल रहे नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीएचसीपी) में लिवर के 10150 मरीज मिल चुके हैं। यानी हर महीने जिले में जिगर के 290 मरीज मिल रहे हैं। अपनी दिनचर्या बदलकर और खानापान नियंत्रित करके अपने जिगर को कमजोर होने से बचाया जा सकता है।
एनवीएचसीपी के नोडल अफसर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल ने बताया कि जिगर मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और बीमारियों से ग्रस्त है। शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होने के साथ-साथ लिवर पाचन क्रिया में अहम भूमिका निभाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जिगर की बीमारियां भारत में मौत का 10वां सबसे आम कारण हैं। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों इलाज के लिए दस फरवरी 2020 से नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम चलाया जा रहा है। 31 मार्च 2022 तक जिले में हेपेटाइटिस बी, सी और लिवर की अन्य बीमारियों के 10150 मरीज मिल चुके हैं, जो पंजीकृत हैं। इन मरीजों को जिला अस्पताल से दवा मुहैया कराई जाती है। डॉ. संजीव बेलवाल के मुताबिक लिवर की बीमारियों को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। जागरूकता के साथ खानपान को नियंत्रित करके लिवर को प्रभावित होते से बचाया जा सकता है।