फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर रोज चार लोगों को शिकार बना रहे साइबर अपराधी, लॉक डाउन में उड़ा चुके हैं तीन करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। साइबर ठगों के मायाजाल में फंस कर लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। लॉक डाउन शुरू होने से अब तक जनपद में साइबर अपराधी 600 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाकर की तीन करोड़ रुपये की रकम उनके खातों से उड़ा चुके हैं। इन अपराधियों पर शिकंजा कसने में पुलिस भी पूरी तरह से नाकाम रही है। अब देखना ये होगा कि साइबर थाना खुलने के बाद इन अपराधियों पर पुलिस शिकंजा कसने में कितनी सफल होती है।
विज्ञापन

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और इसके बाद से लॉक डाउन लग गया था। लॉक डाउन में अधिकांश लोग अपने घरों में ही मौजूद रहे। जिस कारण चोरी, लूट, हत्या, डकैती की घटनाओं पर ब्रेक सा लग गया था, लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा साइबर अपराध हुआ। साइबर अपराधियों ने नए नए तरीके से लोगों की गाढ़ी कमाई उनके खाते से उड़ा ली। कभी परिचित बनकर कॉल की और आर्थिक मदद के नाम पर अपने खाते में रुपये ट्रांसफर कर ली तो कभी ओएलएक्स पर वाहन बेचने और खरीदने का झांसा दिया।
फेसबुक आईडी हैक कर खुद को अस्पताल में मौजूद होने की बात कहकर मार्मिक मैसेज भी तमाम लोगों से रकम ट्रांसफर कराने में साइबर अपराधी सफल रहे हैं। पिछले पांच माह में साइबर अपराधी 600 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। यानी हर रोज चार लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं। यह तो वो आंकड़े हैं तो थानों तक पहुंचे हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं। उन्होंने शिकायत तक नहीं की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित तहरीर पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। साइबर थाने में कामकाज भी शुरू हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने बताया कि अब साइबर थाना खुल गया है। तकनीकी तौर पर मजबूत स्टाफ को तैनात किया गया है। साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वह साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें