पाकबड़ा। प्रदेश सरकार गोवंश के संरक्षण और सुरक्षा के लिए करोड़ों का बजट जारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर बजट जारी होने के बावजूद पाकबड़ा नगर पंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से एक गोशाला का निर्माण नहीं हो सका है। अधिकारियों का कहना है कि गोशाला के लिए जमीन निर्धारित नहीं हुई है।
स्थिति यह है कि नया मुरादाबाद, पाकबड़ा, मंगूपुरा, मनोहरपुर और लोधीपुर राजपूत जैसे इलाकों में सैकड़ों गोवंश छह डिग्री सेल्सियस जानलेवा तापमान में खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर हैं। नगर पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि गोशाला निर्माण के लिए बजट चार साल पहले ही जारी हो चुका था, लेकिन आज तक ईंट भी नहीं रखी गई।
शासन ने चार साल पहले गोवंश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पाकबड़ा नगर पंचायत को 16 लाख रुपये का बजट आवंटित किया था। नियमानुसार अब तक गोशाला का निर्माण पूरा होकर उसमें पशुओं को आश्रय मिल जाना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही ने इस पूरी योजना को हवा में उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि गोशाला निर्माण के लिए जो प्रस्ताव भेजा गया, उसमें जमीन का चयन ही विवादित था। अधिकारियों ने नाली की जमीन पर गोशाला निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। इसी तकनीकी अड़चनों का चार साल में हल नहीं निकला। स्थानीय लोगों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में इन पशुओं को रहने की जगह नहीं मिलती है तो ये सड़कों का रुख करते हैं। कोहरे के बीच सड़क पर बैठे ये पशु बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं।
नगर पंचायत में गोवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय है। कई पशु गंभीर रूप से घायल होकर इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन उनके उपचार या आश्रय की कोई व्यवस्था नहीं है। हिमांशु गुप्ता, सभासद एवं भाजपा नेता
शासन की प्राथमिकता को नगर पंचायत पाकबड़ा ने पूरी तरह नजरअंदाज किया है। शासन ने 16 लाख रुपये का बजट चार साल पहले ही दे दिया था। यह बेहद शर्मनाक है कि गोमाता छह डिग्री तापमान में ठिठुर रही है। जिम्मेदारों को इसका जवाब देना होगा।
दीपक गोयल सदस्य गोसेवा आयोग उत्तर प्रदेश