कांठ। लो और हाई वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए करीब 17 वर्ष पहले कांठ के बिजली उपकेंद्र पर लाखों की लागत से स्थापित कराया गया कैपेसिटर पावर बैंक आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इस पावर बैंक में लगी मशीनें भी जंग खा रही हैं। जबकि उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से जूझते रहते हैं। कांठ में रेल लाइन के पार जंगल में स्थित 33/11 केवी के 88 वर्ष पुराने बिजली उपकेंद्र पर करीब 17 वर्ष पहले उपभोक्ताओं की मांग पर लो व हाई वोल्टेज की समस्या को दूर कराने के लिए बिजली निगम द्वारा लाखों रुपये की लागत से एक कैपेसिटर पावर बैंक स्थापित कराया गया था।
इस पावर बैंक को संचालित करने के लिए डीसी करंट की आवश्यकता थी। जिसके बाद यह पावर बैंक लो और हाई वोल्टेज की समस्या को दूर कर वोल्टेज को सामान्य रखने के लिए सहायक बनता। लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार डीसी करंट न मिलने से यह कैपेसिटर पावर बैंक 17 वर्षों में भी आज तक संचालित नहीं हो पाया है।
स्थानीय बिजली अधिकारियों ने भी इस पावर बैंक को संचालित कराने के लिए कोई जरूरत नहीं समझी हैं। जिसका परिणाम है कि कांठ नगर क्षेत्र के करीब 7000 बिजली उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से जूझते रहते हैं। संवाद