मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा का एक बड़ा इलाका इस समय तेंदुए की दहशत के बीच है। गांवों को जाने वाले रास्तों पर शाम ढले ही सन्नाटा पसर रहा है। गांव के बाहर जिन छोटी दुकानों पर देर शाम तक जमघट रहता था वहां खामोशी है। जरा सी आहट होने पर लोग हथौड़ी में गंधक-पोटाश भरकर धमाका कर रहे हैं। कई गांव तो ऐसे हैं जहां ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं। अगर जा रहे हैं तो समूह बनाकर। वन विभाग के अफसर भी लोगों को आगाह कर रहे हैं कि सावधान रहें। अकेले खेतों पर न जाएं।... पेश है रिपोर्ट-
आसपास बसे भगियावाला, दारापुर और बुद्ध नगर में तेंदुए की सबसे ज्यादा दहशत देखने को मिली। यहां तो रतजगा हो रहा है। शुक्रवार को तड़के तेंदुआ दारापुर गांव के संजय कुमार पाल के घर में दीवार फांद कर घुस गया था। यहां से एक भेड़ को उठा ले गया। संजय कुमार ने बताया कि पिछले तीन साल से हम यह सब देख रहे हैं। अब तक तेंदुआ उनकी आठ भेड़ों को उठाकर ले जा चुका है। शिकायत करने पर वन विभाग से कोई सहायता नहीं मिलती। भगियावाला गांव के बाहर खड़े कुछ लोगों ने एक खेत में शिकार की तलाश में घूम रहे तेंदुए का वीडियो दिखाया। ग्रामीणों का कहना था कि यह वीडियो उनके गांव के खेत का है। यहां पर वन विभाग ने दो पिंजरे भी लगा रखे हैं। दोनों ही एक सप्ताह बाद भी खाली हैं। बुद्ध नगर निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि उन्हें अभी तक तेंदुआ जंगल में नहीं मिला लेकिन उनके पड़ोसी गांव भगियावाला में तेंदुए के आने की जानकारी मिलती रहती है इसलिए वे इकट्ठा होकर और दरांत डंडे लेकर जंगल में घास काटने जाती हैं। भगियावाला निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उनके भाई मेघराज की बकरी को तेंदुआ उठाकर ले गया था। दो दिन पहले गांव के अंदर जाकर कुत्ता उठा कर ले गया। गांव के आसपास रोजाना तेंदुआ दिखाई दे रहा है। भगिया वाला निवासी नौबहार सिंह जंगल में जाने वाले रास्ते पर सड़क किनारे झाड़ियां काटते हुए दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि यहां आस-पास तेंदुआ आकर छिप जाता है, इसलिए वह झाड़ियों को काट रहे हैं। इस दौरान उनके पास खड़ा एक युवक हथौड़ी से पटाखे भी छोड़ रहा था। उन्होंने बताया कि तेंदुए के डर से गांव के लोगों ने अपनी बकरियां बेच दी हैं। राजेंद्र सिंह ने बताया कि परसों तेंदुआ गांव के पास आ गया था और एक कुत्ते को उठाकर ले गया। इस दौरान वहां खड़ी एक महिला ने भाग कर अपनी जान बचाई। गांव के चीकू ने बताया कि वह वन विभाग के कहने पर गांव में लगे पिंजरों की देखभाल कर रहे हैं। परसों शाम को एक पिंजरे के पास तेंदुआ आया था लेकिन पिंजरे के अंदर नहीं पहुंचा। गांव दारापुर निवासी राजपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव में भी तेंदुआ आता रहता है। गांव दारापुर निवासी विपुल गहलोत ने बताया कि दी दिन पहले गांव में पूर्व सांसद के बाग के पास घास काटते समय महिलाओं पर तेंदुए ने हमले का प्रयास किया महिलाओं ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई।
गांव लालापुर पीपलसाना में चार अगस्त को जंगल में गन्ने के खेत में पत्ती उतार रही गांव की महिला को तेंदुए ने हमला कर मार दिया था। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दिन- रात एक कर रखा है लेकिन इसके बाद भी तेंदुआ वन विभाग के पिंजरों में कैद नहीं हो पा रहा है। इससे गांव के लोग वन विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं । शनिवार को डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिम शाम करीब 5:00 बजे गांव में पहुंचे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर तेंदुए को पकड़ने के लिए की गई तैयारी की समीक्षा की। उन्हें तेंदुए को पकड़ने के लिए कुछ अन्य दिशा निर्देश भी दिए। घटनास्थल का निरीक्षण किया। आगरा से आई वाइल्ड लाइफ( एसओएस ) की टीम के साथ भी तेंदुए के पकड़ने के लिए चल रही तैयारी के बारे में पूछताछ की। वन विभाग को क्षेत्र में तेंदुए प्रभावित अन्य स्थानों पर भी पिंजरे लगाने के निर्देश दिए। अधिकारी पीड़ित परिवार से भी मिले उन्हें मदद का आश्वासन दिया। बाद में डीएम- एसएसपी ने गांव के लोगों के साथ पंचायत की। उन्हें भरोसा दिया कि वन विभाग शीघ्र तेंदुए को पकड़ने में कामयाब होगा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव में इस समय तीन पिंजरे लगे हुए हैं। पूरे तहसील क्षेत्र में 16 पिंजरे लगे हुए हैं। मंडल की वन विभाग की 16 टीम में तेंदुए को पकड़ने में सक्रिय है। ड्रोन से भी तेंदुए की तलाश की जा रही है ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं लेकिन वन विभाग को अभी तक तेंदुआ पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। वन विभाग ने गांव लालापुर पीपलसाना में रविवार को एक और पिंजरा लगाने की बात कही है।
तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगे पिंजरे कई दिनों के बाद भी खाली ही हैं। जबकि हर रोज कहीं न कहीं तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने तेंदुओं के खौफ से निजात दिलाने की मांग की है।
पिछले करीब 25 दिन से लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। जिससे कांठ और छजलैट क्षेत्रों के लोग खौफ में है। अब तक कांठ के गांव रसूलपुर गुर्जर, खलीलपुर कद्दीम, कुरी रवाना, महमदपुर माफी, मुख्त्यारपुर नवादा, गोविंदपुर ज्ञानपुर, गढ़ी, सलेमपुर, कोकरपुर, दयानाथपुर, फत्तेहपुर बिश्नोई, चंगेरी, अहमदपुर निंगू नंगला, चेतरामपुर आदि गांवों में तेंदुए दिखाई दे चुका है। अब तक कई जगह तेंदुए ने ग्रामीणों के पालतू जानवरों को भी अपना निवाला बना लिया है। वन विभाग की टीम ने पिछले दिनों खलीलपुर कद्दीम, कुरी रवाना, गोविंदपुर ज्ञानपुर में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए थे। लेकिन कई दिन के बाद भी यह तीनों पिंजरे खाली पड़े हुए हैं, इनमें तेंदुए नहीं फंसे हैं। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र में जहां भी तेंदुए दिखाई देने की सूचना मिल रही है, वहां टीमों को भेजकर दिखवाया भी जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा जा है, तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगे हुए हैं। जिनकी टीमों के द्वारा निगरानी भी की जा रही है।