मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की हिमगिरी कॉलोनी में आरटीओ के प्रवर्तन दल में तैनात सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार सुबह मकान मालिक के बेटे ने कमरे में जाकर देखा तो घर में ही जमीन पर सिपाही का शव पड़ा हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं होने से विसरा सुरक्षित रखा गया है।
परिवहन विभाग में तैनात सिपाही विनोद कुमार कुशवाहा (40) मूल रूप से हरदोई जनपद के सांडी थाना क्षेत्र के मोहल्ला सलामुल्लाह गंज निवासी थे। इनका परिवार शाहजहांपुर के सुभाष नगर में रहता है। परिवार में पत्नी संतोष देवी और एक बेटा वैभव और एक बेटी स्वेता हैं। यहां हिमगिरी कॉलोनी में विनोद कुमार सेवानिवृत्त दरोगा यशपाल सिंह के मकान में पत्नी के साथ रहते थे। बच्चे शाहजहांपुर में थे। मकान मालिक ने बताया कि उनकी पत्नी संतोष देवी तीन दिन पहले अपने बच्चों से मिलने के लिए शाहजहांपुर गई थीं। विनोद कुशवाहा अकेले थे। बताया जा रहा है कि 3 दिन से वह ड्यूटी पर भी नहीं गए थे।
मंगलवार सुबह मकान मालिक के बेटे ने ऊपरी मंजिल पर जाकर देखा तो उनके कमरे का दरवाजा खुला पड़ा था। पलंग के पास ही जमीन पर विनोद का शव पड़ा हुआ था। चादर लिपटी थी। इस तरह लग रहा था जैसे चादर समेत बिस्तर से नीचे गिरे हों। उसने तत्काल शोर मचाया और अपने पिता बुला लिया। इसकी सूचना तत्काल पुलिस दी गई। थाना प्रभारी योगेंद्र यादव ने बताया ने बताया कि फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर जांच पड़ताल करवाने के बाद शव पोस्टमार्टम को भिजवाया गया। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई जिसमें मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी ने बताया कि विसरा सुरक्षित रखा गया है। विनोद के भाई संजय ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें इस घटना की जानकारी मिली थी। विनोद कुमार यहां तीन दिन से अकेले थे। उधर आरटीओ प्रशासन छवि सिंह के अनुसार विनोद 27 फरवरी से अवकाश पर थे। उल्टी दस्त की समस्या के चलते उन्होंने अवकाश लिया था।