मुरादाबाद। कर्मचारी संगठनों ने मोदी सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि बजट में स्लैब नहीं बढ़ाया गया। कर्मचारियों के पुरानी पेंशन की मांग पर भी विचार नहीं किया गया।
उत्तर प्रदेश कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रयल कर्मचारी संघ के सचिव गोपीकृष्ण का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को इस बजट से जो आशा थी। वह इस बजट में पूरी नहीं की गई। यह बजट शासकीय सेवकों को लिए निराशाजनक है। इस बजट में ओपीएस के संबंध में कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम चाहिए और न ही यूपीएस चाहिए। कर्मचारी काफी दिनों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है। इनकम टैक्स स्लैब नहीं बढ़ाया गया है। संगठन के जिलाध्यक्ष अनुराग गुप्ता ने बजट को कर्मचारियों के लिए निराशाजनक बताया है। बताया कि महंगाई को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों को कुछ नहीं दिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होने के कारण कर्मचारियों में काफी निराशा है। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों को टैक्स स्लैब में बदलाव की बहुत उम्मीद थी। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में भी इस बजट में कोई घोषणा नहीं की गई। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कर्मचारी संयुक्त संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार सत्संगी ने कहा कि बजट ने कर्मचारियों को कोई राहत नहीं दिया। आयकर में कोई राहत नहीं दी गई। पेंशन स्कीम पर विचार नहीं किया जाना निराशाजनक है।