बिलारी। सरकड़ा गांव में फैमिली फार्मर परियोजना के तहत शुक्रवार को विश्व मृदा दिवस पर कृषक गोष्ठी आयोजित हुई। इस दौरान खेतों की मिट्टी के संरक्षण और पोषण पर जोर दिया गया। किसानों को मोती पालन कर अपनी आय बढ़ाने के लिए सलाह दी गई।
किसान आरेंद्र सिंह बड़गौती ने कहा कि रसायन मुक्त खेती करने के लिए मृदा का संरक्षण जरूरी है। जब खेतों की मिटटी उपजाऊ होगी तभी बेहतर फसल तैयार हो सकेगी।
यह तभी संभव है जब मृदा का संरक्षण और पोषण दोनों हो। गोष्ठी में पंजाब के मुहाली के कृषि यूनिवर्सिटी से आए वैज्ञानिक सिद्धांत कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में प्राकृतिक खेती के महत्व को किसानों को समझना होगा।
मणि एग्रो हब लखनऊ से आए मोती पालन वैज्ञानिक डॉ.अय्यूब हुसैन ने कहा कि मोती पालन ऐसा व्यवसाय है जिसके माध्यम से किसान वर्तमान पैदा किए जाने वाली फसलों से होने वाली आय के मुकाबले तीन गुना अधिक आय ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना की नवाचार पद्धति के तहत मोती पालन काफी लाभ का कारोबार है।
तालाब बनाने पर सरकार 52500 रुपये देती है। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता चौधरी भयराज सिंह और संचालन आरेंद्र बड़गौती ने किया। मौके पर चौधरी संजीव सिंह, मुनेश शर्मा, हेमराज सिंह, हरिओम देवल, रोहताश सिंह, ओमवीर सिंह, श्रीपाल यादव, चंद्र कुमार माथुर, मनोज कुमार व लखपत सिंह आदि मौजूद रहे।