मुरादाबाद। बरेली-चंदौसी रेल रूट पर इसी सप्ताह से इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। सीआरएस ने ट्रेनों के संचालन के लिए फाइनल रिपोर्ट रेलवे बोर्ड भेजी थी। बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। साथ ही इस रूट पर ओवरहेड वायर में 25 हजार वोल्ट की ऊर्जा का प्रवाह भी शुरू हो गया है। संचालन शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बरेली-चंदौसी रेल रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनों का संचालन कई वर्षों से लंबित था। अब इसके शुरू होने के बाद मुरादाबाद मंडल के यात्रियों को सफर में काफी सुविधा होगी। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि ओवरहेड वायर में सिंगल फेज 25000 वोल्ट ऊर्जा का प्रवाह शुरू हो गया है। इस संबंध में रेलवे लाइनों और परिसर के सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है कि यह लाइन हर समय विद्युतमय मानी जाएगी। इसलिए कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति समीप न आए। उन्होंने बताया कि लाइव ट्रैक्शन तारों से खतरे को रोकने के लिए सभी फाटकों पर हाइट गेज लगाए गए हैं। जो कि सड़क से 4.78 मीटर की अधिकतम ऊंचाई पर हैं।
गौरतलब है कि इस रूट पर विद्युतीकरण का काम तीन चरणों में पूरा किया गया। इसमें बरेली से आंवला और आंवला से चंदौसी तक लाइन के विद्युतीकरण के साथ रामगंगा ब्रिज पर भी काम हुआ है। सीआरएस ने दो चरणों में चंदौसी से आंवला और आंवला से बरेली रेल रूट का निरीक्षण किया था। सीआरएस निरीक्षण में पाई गई खामियों को पूरा करने के बाद दिसंबर 2020 में फाइल रेलवे बोर्ड को भेज दी गई। अब रेलवे बोर्ड की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद जनवरी के अंतिम सप्ताह से इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने जा रहा है।
बरेली-चंदौसी रेल रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनों के संचालन को स्वीकृति मिल गई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह से दुरुस्त कर लिया गया है। अब ट्रेनों का संचालन शुरू करने में किसी तरह की रुकावट नहीं है।
- जन्मेजय उपाध्याय, सीनियर डीईई टीआरडी