मूंढापांडे। थानाक्षेत्र के वीरपुर बरियर उर्फ खरग गाव में मंगलवार की सुबह फ्रीजर से करंट लगने से किशोर झुलस गया। फैक्टरी संचालक और अन्य लोगों ने अंधविश्वास के चलते उसे दो घंटे तक रेत में दबाए रखा लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे डॉक्टर के पास ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के सिरसखेड़ा निवासी इमरान की वीरपुर वरियर उर्फ खरग में आइसक्रीम की फैक्टरी है। इसी गांव में रहने वाले धन्नू का बेटा शायब (16) ठेली पर रखे आइसक्रीम के डीप फ्रीजर में चार्जिंग का काम करता था। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे वह रोज की तरह ठेली के डीप फ्रीजर को चार्ज कर रहा था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक फीजर के तार में लगे कट पर किशोर का हाथ लग गया। जिससे उसे करंट लग गया।
किशोर तार से चिपक गया। फैक्टरी संचालक की नजर उस पर पड़ी तो उसे छुड़ा कर बालू में दबा दिया लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फैक्टरी संचालक और परिजनों के बीच समझौता होने के बाद शव का बिना पोस्टमार्टम के ही दफन कर दिया।
शायब चार बहनों में इकलौता भाई था। एसएचओ मोहित चौधरी ने बताया कि आइसक्रीम में करंट से किशोर की मौत सूचना नहीं मिली है। उधर, उप विद्युत केंद्र दलपतपुर एसडीओ आरएन राठौर ने बताया कि आइसक्रीम की फैक्टरी में चार किलो वाट का कॉमर्शियल कनेक्शन दिया गया है। सिरसखेडा के प्रधान इकरार हुसैन ने बताया कि मृतक के परिजनों तथा फैक्टरी संचालक के बीच समझौता हो गया है।