रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव शाहजहांनाबाद में दिवाली पर आतिशबाजी छोड़ते समय मासूम बालक की मौत हो गई। मासूम बालक पटाखा गिलास में रखकर छोड़ रहा था। पटाखे के साथ फटे गिलास के टुकड़े मासूम को जा लगे। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो कोहराम मच गया। रविवार की शाम करीब 5 बजे बुद्धी के आठ वर्षीय मासूम बालक सुरेश की आतिशबाजी छोड़ते समय मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मासूम बालक पटाखा गिलास में रखकर छोड़ रहा था। पटाखा फटने के साथ ही गिलास भी फट गया। गिलास के टुकड़े मासूम बालक को जा लगे। जिसमें मासूम बालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
चीख पुकार होने पर परिजन मौके पर पहुंचे। मासूम बालक को उपचार के लिए बबराला के निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने बताया कि दिवाली के अवसर पर बच्चे पटाखे छोड़ रहे थे। इसी दौरान एक पटाखा उनके बेटे ने गिलास में रख छोड़ दिया।
पटाखा फटने के साथ ही गिलास भी फट गया। गिलास के टुकड़े उनके बेटे को जा लगे। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के लिए लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने बताया कि उनका बेटा तीन भाई और एक बहन में तीसरे नंबर का था। जो गांव के निजी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। मासूम बालक की मौत के बाद मां जलधारा का रो-रो कर बुरा हाल है।
मृतक मासूम बालक की मां ने किसी अन्य बालक के पटाखा फटने से मौत होना बताया है। लेकिन परिवार के लोगों ने कोई कार्रवाई किए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं वरिष्ठ उप निरीक्षक कुलदीप सिरोही का कहना है कि इस मामले की पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।