मुरादाबाद। जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ के खिलाफ शिकायतों की तीन सदस्यीय टीम ने दूसरे दिन भी जांच की। टीम के सामने ही मौन पालन के लाभार्थियों से पूछताछ को लेकर डीडी व डीएचओ नोकझोंक करने लगे। इस पर संयुक्त निदेशक को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन इसके बाद शिकायतकर्ता डीडी जांच बीच में छोड़कर वापस अपने कार्यालय चलीं गईं।
उपनिदेशक पूजा सक्सेना द्वारा डीएचओ बैजनाथ पर करीब 12 लाख रुपये के लहसुन बीज वितरण में अनियमितता बरतने, कई बार मांगने के बाद भी लाभार्थियों की सूची उपलब्ध न कराकर उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने, ग्राम रौंडा स्थित पौधशाला पर अवैध कटान में डीएचओ के लिप्त होने, बिना जीएसटी नंबर के बिलों का भुगतान करने, कोल्ड स्टोर का अवैध संचालन कराने, मौन पालन की योजना में गड़बड़ी करने के साथ पॉली हाउस आदि की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। निदेशक के निर्देश पर संयुक्त निदेशक (शाकभाजी) राजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार से यहां जांच कर रही है।
शनिवार दूसरे दिन जांच टीम ने छजलैट विकास खंड क्षेत्र के ग्राम धरमपुरा, अलीपुर, शेरपुर, मोढी हजरतपुर और मिश्रीपुर आदि ग्रामों में पहुंचकर मौन पालन के लाभार्थियों की जांच की। जांच के दौरान एक स्थान पर मिले कुछ नए और कुछ पुराने मधुमक्खी पालन के डिब्बों को लेकर डीडी-डीएचओ में नोकझोंक शुरू हो गई। डीडी अपनी शिकायत की पुष्टि के लिए तो डीएचओ अपने बचाव के प्वाइंट को लेकर लाभार्थियों से पूछताछ करते हुए वीडियो बनाने लगे। टीम में डीएम के प्रतिनिधि के रूप में शामिल डीसी मनरेगा राजनाथ भगत का भी पारा चढ़ गया। मौके की नजाकत को देख जांच समिति के मुखिया संयुक्त निदेशक राजीव कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा तब दोनों शांत हुए। इसके बाद उप निदेशक उद्यान पूजा सक्सेना जांच टीम को बीच में छोड़ वापस मुख्यालय अपने कार्यालय चली आईं। टीम द्वारा मंडी समिति के पास कोल्डस्टोरेज की जांच के दौरान वह मौके पर नहीं गईं। टीम के मुखिया राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि जांच अभी जारी है। रविवार को भी कुछ जांच की जाएगी।
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मौनपालन योजना में भी डीएचओ द्वारा गड़बड़ी की गई है। एक स्थान पर मधुमक्खी पालन के कुछ डिब्बे पुराने कुछ नए मिले। मिश्रीपुरा के लाभार्थी शीशराम के मधुमक्खी पालन के डिब्बे में मधुमक्खी का फ्रेम नहीं मिला। लाभार्थी सही बात बता रहे थे तो डीएचओ उन्हें अपने पक्ष में बयान दिलवाने की कोशिश कर रहे थे। जिसे लेकर नोकझोंक हुई। जिसकी वजह से मैं वहां से चली आई। - पूजा सक्सेना, उप निदेशक उद्यान मुरादाबाद मंडल
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जांच टीम को सभी स्थानों पर मौन पालन के डिब्बे मिले हैं। डीडी की शिकायत पर ही टीम जांच कर रही है। लेकिन वह बीच में लाभार्थियों से बात कर रहीं थीं। इस पर मैंने ऐतराज जताया था। मेरे ऊपर आरोप लगे हैं। लिहाजा मैंने जो कुछ कहा अपनी सफाई में कहा।
- बैजनाथ सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
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मौन पालन के लाभार्थियों की जांच के दौरान अपनी-अपनी बातों को सही बताने के लिए डीडी और डीएचओ की आपस में थोड़ी बहस हो गई थी, जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया था। जांच अभी जारी है। रविवार को भी जांच की जाएगी।
- राजीव कुमार, संयुक्त निदेशक (शाकभाजी)
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