मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने शुक्रवार दोपहर डीआरडीए में कार्यरत संविदा महिला कर्मचारी को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि उसने मकान का बैनामा कराने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। शुक्रवार दोपहर बाद महिला का चालान कर दिया गया।
एएसपी अनिल कुमार यादव ने बताया कि मझोला के बुद्धि विहार निवासी सुरेश कुमार ने छह जून 2019 को सिविल लाइंस थाने में आवास एवं विकास परिषद के लेखाकार वेद प्रकाश धींगरा, कोतवाली क्षेत्र के चौमुखा पुल चूड़ी वाली गली निवासी नीरज शर्मा, सौरभ शर्मा, गौरव शर्मा, शिव किशोर शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी देना समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। जिसमें वादी ने बताया था कि लेखाकार वेद प्रकाश धींगरा के माध्यम नीरज शर्मा ने अपने मकान का सौदा बीस लाख तीस हजार रुपये में तय किया था। सुरेश का कहना है कि नीरज ने बताया था कि आवास विकास से उसके नाम पर मकान आवंटित हुआ है। सौदे में तय हुआ था कि आवास एवं विकास परिषद की सभी किश्तों का भुगतान नीरज शर्मा की ओर से वादी सुरेश कुमार को करना होगा। पीड़ित का कहना है कि वह सभी किश्तों का भुगतान कर चुका है। बावजूद इसके मकान का बैनामा उसके नाम पर नहीं कराया गया। पीड़ित का कहना है कि वह 23 लाख 49 हजार रुपये का भुगतान कर चुका है। आरोप है कि इसके दस लाख रुपये और अतिरिक्त मांगे गए। अतिरिक्त रुपये न देने पर मकान का बैनामा नहीं कराया गया। बैनामा करने के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। एएसपी अनिल यादव ने बताया कि इस मामले में आरोपी महिला नीरज शर्मा को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार किया गया। नीरज खुद को डीआरडीए में संविदा कर्मचारी बता रही है। शुक्रवार दोपहर बाद महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।