फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: नाले चोक, खाली प्लॉटो में भर रहा पानी, बदबू से लोग बेहाल

विज्ञापन
रामपुर रोड एकता कॉलोनी दक्षिणी में पानी का हाल।
विज्ञापन
मुरादाबाद। रामपुर रोड की ओर जाने वाला मुख्य नाला तो चोक है ही, साथ ही कॉलोनी की आंतरिक जलनिकासी का मुख्य जरिया भैसिया वाला नाला भी बंद है। जिससे सभी नालियां उफन रही हैं, पानी खाली प्लाटों के अंदर भर रहा है। जिससे उठने वाली बदबू से लोग परेशान हैं। कूड़ा उठाने की तो यहां कोई व्यवस्था ही नहीं है। यह स्थिति महानगर की एकता विहार (दक्षिणी) की है, जो एमडीए के अधीन है।
विज्ञापन

किसी भी कॉलोनी को बसाने से पहले ही उसकी प्लानिंग में सीवरलाइन की व्यवस्था की जाती है लेकिन एकता विहार (दक्षिणी) ऐसी कॉलोनी है, जहां सीवर लाइन के नाम पर पार्क में एक बड़ा गड्ढा तो बना है लेकिन सीवर लाइन आगे बनी ही नहीं है। जिसके कारण घरों का पानी नालियों के सहारे ही नालों में जाता है।

- एकता विहार (दक्षिणी) कॉलोनी का मुख्य नाला रामपुर रोड के किनारे से निकलता है लेकिन यह नाला आगे जाकर चोक हो गया है, भैसिया गांव की ओर जाने वाला नाला कॉलोनी के अंदर की नालियों को जोड़ता हुआ मुख्य नाले से मिलता है लेकिन यह नाला भी लंबे समय से चोक है। जिससे परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन

- सैयद शान, अध्यक्ष एकता विहार (दक्षिणी) आरडब्ल्यूए।
-
- इस कॉलोनी की सबसे बड़ी समस्या नालों का बंद होना ही है, क्योंकि पानी की निकासी न होने के कारण पानी खाली पड़े प्लाटों में भरा रहता है, मच्छर मक्खी पैदा होते हैं, बदबू के कारण यहां रहना ही दुश्वार हो जाता है। लोग बीमार होते हैं।
मोहम्मद आलम

- नालों की सफाई नहीं होती है, इसके अलावा कॉलोनी की सड़कें भी 25 सालों से नहीं बनी हैं, जिसके कारण यहां आना जाना भी दुश्वार हो रहा है। पेयजल की पाइप लाइनें भी पुरानी हो चुकी हैं, जो अक्सर टूट जाती हैं, जिससे उनमें नालियों का दूषित पानी मिलकर आने लगता है।
मोहम्मद मुस्तकीम

कॉलोनी में एक बड़ा पार्क है लेकिन एमडीए की ओर से इस पार्क में कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई है, ऊंची ऊंची घास जमी थी, दो दिन पहले ही कॉलोनी के लोगों ने मजदूर लगाकर घास कटवाई है, यहां सीवर के लिए एक खुला गड्ढा बना दिया है, जिससे जहरीले सांप आदि निकलते रहते हैं।
रईस अहमद

- कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटें लगी तो हैं लेकिन जलती नहीं हैं। जिसके कारण रात्रि के दौरान अंधेरा रहता है। कई बार एमडीए को शिकायत दे चुके हैं लेकिन एमडीए के अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं। जिससे लोगों को खासकर रात्रि में आवागमन में असुविधा होती है।
सैयद अशफाम अली,

- कॉलोनी तो एमडीए की है लेकिन सफाई करने या कूड़ा उठाने यहां कोई नहीं आता है। कॉलोनी के लोगों ने निजी तौर पर 200 रुपये प्रति घर प्रति माह पर सफाई कर्मचारी को रखा है, वही सफाई करता है। यहां नालियों का ढलान भी ठीक नहीं है, जिसके कारण पानी नाले की ओर नहीं जाता है।
विज्ञापन

- इकबाल अहमद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें