मुरादाबाद। इंपीरियल तिराहे से बुध बाजार मोड़ तक एक साल से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। नालियों की निकासी नहीं होने से होटलों का गंदा पानी दुकानों के सामने जमा रहता है। इससे व्यापारियों, ग्राहकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदबू और जलभराव के कारण कारोबार भी प्रभावित हो रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने दिनभर गंदा पानी भरा रहता है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है और कई लोग बिना खरीदारी किए लौट जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। उनका आरोप है कि कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन से मांग है कि इंपीरियल तिराहे से बुध बाजार मोड़ तक बनी नाली को नाले से जोड़ा जाए ताकि बाजार की यह समस्या खत्म हो सके।
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व्यापारी बोले
-नाली की निकासी नहीं है। एक साल से दुकानों के सामने गंदा पानी जमा हो रहा है। कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। -दानिश, दुकानदार
-नाली बना दी गई है लेकिन इसे नाले से जोड़ा नहीं गया है। दुकानों के सामने पानी होने से ग्राहकों को आने में परेशानी होती है। गंदगी और बदबू के कारण लोग खरीदारी किए बिना लौट जाते हैं। -वकील अहमद, दुकानदार
-बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। होटल का पानी सड़क पर बह रहा है। नालियों को नालों से जोड़ने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। -अमित कुमार, दुकानदार
-नगर निगम से कई बार शिकायत की गई। अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया। स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। दुकान के सामने पानी होने के कारण काफी दिक्कत उठानी पड़ती है।-मुनीर, दुकानदार
-जलनिकासी ठीक नहीं होने से आसपास का माहौल भी खराब रहता है। इसका असर बाजार और कारोबार दोनों पर पड़ रहा है। स्कूली बच्चे पढ़ने जाते हैं। उन्हें भी काफी दिक्कत होती है।-शराफत, दुकानदार
-अपनी दुकान के सामने आठ हजार रुपये लगाकर कुछ काम कराया है। नालियों को नाले से जोड़ा नहीं गया है। इसलिए पानी दुकानों के सामने बह रहा है। यदि जलनिकासी व्यवस्था ठीक हो जाए तो व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को राहत मिलेगी। -गुलशन अहूजा, दुकानदार
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वर्जन
व्यापारी अपनी समस्या निगम कार्यालय में आकर बता सकते हैं। जहां भी समस्या होगी, उसका समाधान किया जाएगा।
- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त