20 दिन से बंद पड़ा है कुत्तों की नसबंदी का काम
नगर निगम की ओर से जो कंपनी कुत्तों की नसबंदी कर रही थी, उसका टेंडर समाप्त हो चुका है। पिछले 20 दिन से कुत्तों की नसबंदी नहीं हो रही है। इसके कारण शहर में आने वाले दिनों में कुत्तों के काटने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। कंपनी हर दिन 10 से 12 कुत्तों की नसबंदी का दावा करती थी।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जहां तक कुत्तों के पंजीकरण का सवाल है तो लोग इसके लिए आगे नहीं आते। पिछले दिनों निगम की ओर से कैंप भी लगाए गए थे। लोगों से पालतू कुत्तों का भी पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
24 घंटे से पहले जरूर लगवा लें वैक्सीन
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामकिशोर का कहना है कि कुत्ते के काटने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। यदि किसी को कुत्ता काटे तो उस जगह को साबुन से करीब आधे घंटे तक धोते रहें। इसके बाद घाव या दांत के निशान वाली जगह को खुला छोड़ देना चाहिए। 24 घंटे के भीतर टिटनेस और एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। यदि घर में पालतू कुत्ता है तो उसे भी जरूरी वैक्सीन लगवानी चाहिए।
महीना एआरवी लगवाने वालों की संख्या
जून 1488
जुलाई 1273
अगस्त 1243
कुत्ते के हमले में घायल मासूम की इलाज के दौरान मौत
शरीफनगर गांव में कुत्ते के हमले में घायल श्यान (3) की इलाज के दौरान बुधवार को माैत हो गई। उसे 14 दिन पहले एक कुत्ते ने काटा था। मोहल्ला नई बस्ती निवासी शमीम अहमद के पुत्र श्यान पर घर के सामने ही 22 अगस्त को एक कुत्ते ने हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया था।
उसके शरीर पर जख्मों के आठ निशान मिले थे। परिजन उसे लेकर सरकारी अस्पताल में पहुंचे, जहां पर उसको 22, 23, 26 और 30 अगस्त को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। पांचवां इंजेक्शन 05 सितंबर को लगाया जाना था लेकिन इससे पहले 04 सितंबर को देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सीएचसी ठाकुरद्वारा के अधीक्षक डाॅ.राजपाल सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को देर शाम उनको इस बात बारे में जानकारी मिली है। बच्चे को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने और उसके इलाज के रिकॉर्ड की जानकारी के बाद ही इस बारे में अधिकृत रूप से कुछ कहा जाएगा।