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जान के दुश्मन: यूपी के इस जिले में कुत्ते हुए खूंखार.. तीन माह में चार हजार लोग बने शिकार, इनमें से 1500 बच्चे

Fri, 06 Sep 2024 11:36 AM IST
विमल शर्मा शिवम वर्मा, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद जिले में कुत्ते अचानक खूंखार हो गए हैं। तीन माह के भीतर करीब चार हजार लोगों को वह अपना निशाना बना चुके हैं। इसमें से 1500 के करीब बच्चे हैं। एक दिन पहले ही कुत्ते के हमले में घायल बच्चे ने दम तोड़ दिया था।
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मुरादाबाद जिले में कुत्तों का आतंक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुरादाबाद जिले में कुत्ते खूंखार हो गए हैं। पिछले तीन महीने में चार हजार से अधिक लोगों पर कुत्तों ने हमला किया। इसमें हर तीसरा पीड़ित बच्चा शामिल है। बच्चों की संख्या 1500 से अधिक रही। कुत्तों के हमले के शिकार इन लोगों ने जिला अस्पताल में एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाई है।

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गांवों से लेकर शहर तक खूंखार कुत्ते मासूम बच्चों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम कुत्तों की नसबंदी में खानापूर्ति कर रहा है। सैकड़ों कुत्तों का रिकॉर्ड ही नहीं है। शहर की सड़कों पर लगभग 15 हजार कुत्ते घूम रहे हैं। इसी का नतीजा है कि कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं।

नगर निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी करने वाली कंपनी ने कागजों में तो अच्छा काम किया लेकिन लोगों को इसका उल्टा परिणाम देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल के अलावा जिले की नौ सीएचसी पर भी एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है।
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 100 लोग एआरवी लगवाने पहुंचते हैं। वहीं जिले की सीएचसी पर भी हर दिन औसतन 10 से 12 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आते हैं। निजी अस्पतालों में इसी वैक्सीन की एक डोज 300 रुपये में लगाई जाती है। संक्रमण खत्म करने के लिए तीन डोज लगवानी होती हैं।

20 दिन से बंद पड़ा है कुत्तों की नसबंदी का काम 

नगर निगम की ओर से जो कंपनी कुत्तों की नसबंदी कर रही थी, उसका टेंडर समाप्त हो चुका है। पिछले 20 दिन से कुत्तों की नसबंदी नहीं हो रही है। इसके कारण शहर में आने वाले दिनों में कुत्तों के काटने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। कंपनी हर दिन 10 से 12 कुत्तों की नसबंदी का दावा करती थी।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि जहां तक कुत्तों के पंजीकरण का सवाल है तो लोग इसके लिए आगे नहीं आते। पिछले दिनों निगम की ओर से कैंप भी लगाए गए थे। लोगों से पालतू कुत्तों का भी पंजीकरण कराने की अपील की गई है।

24 घंटे से पहले जरूर लगवा लें वैक्सीन 

जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामकिशोर का कहना है कि कुत्ते के काटने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। यदि किसी को कुत्ता काटे तो उस जगह को साबुन से करीब आधे घंटे तक धोते रहें। इसके बाद घाव या दांत के निशान वाली जगह को खुला छोड़ देना चाहिए। 24 घंटे के भीतर टिटनेस और एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। यदि घर में पालतू कुत्ता है तो उसे भी जरूरी वैक्सीन लगवानी चाहिए।

महीना       एआरवी लगवाने वालों की संख्या 
जून             1488 
जुलाई          1273  
अगस्त          1243

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कुत्ते के हमले में घायल मासूम की इलाज के दौरान मौत

शरीफनगर गांव में कुत्ते के हमले में घायल श्यान (3) की इलाज के दौरान बुधवार को माैत हो गई। उसे 14 दिन पहले एक कुत्ते ने काटा था। मोहल्ला नई बस्ती निवासी शमीम अहमद के पुत्र श्यान पर घर के सामने ही 22 अगस्त को एक कुत्ते ने हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया था।

उसके शरीर पर जख्मों के आठ निशान मिले थे। परिजन उसे लेकर सरकारी अस्पताल में पहुंचे, जहां पर उसको 22, 23, 26 और 30 अगस्त को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। पांचवां इंजेक्शन 05 सितंबर को लगाया जाना था लेकिन इससे पहले 04 सितंबर को देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

सीएचसी ठाकुरद्वारा के अधीक्षक डाॅ.राजपाल सिंह का कहना है कि बृहस्पतिवार को देर शाम उनको इस बात बारे में जानकारी मिली है। बच्चे को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने और उसके इलाज के रिकॉर्ड की जानकारी के बाद ही इस बारे में अधिकृत रूप से कुछ कहा जाएगा।

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