आईएमए की आगरा में हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सभा में कुछ अहम फैसले लिए गए हैं। एक जुलाई को मनाए जाने वाले डाक्टर डे को आईएमए डाक्टर डे के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन देशभर के डाक्टर मरीजों को मुफ्त इलाज करेंगे। वहीं डाक्टरों के लिए आईएमए का अपना लोगो जारी करेगा।
सभा में देशभर के तीन सौ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आगरा से लौटे आयोजन समिति के अध्यक्ष और आईएमए यूपी स्टेट के प्रेसीडेंट इलेक्ट डा. विनय गुप्ता ने बताया कि सभा में पीसीपीएनडीटी एक्ट, नर्सिंग होम एक्ट, वायलेंस एक्ट, कंपनसेशन ग्रांट, ग्रामीण स्वच्छता अभियान, डाक्टरों की सुविधाओं पर चचा की गई।
कंपनसेशन ग्रांट नए फार्मूले से जोड़ा जाएगा। ये रकम दो से पचास लाख लाख होगा। आईएमए से जुड़े डाक्टरों के लिए अलग से लोगो जारी किया जाएगा। अभी सभी डाक्टर रेडक्रास के लोगो का इस्तेमाल करते हैं। वहीं डाक्टर्स डे को अब आईएमए डाक्टर्स डे कहलाएगा।
एक जुलाई को आईएमए से जुड़े डाक्टर मरीजों का मुफ्त इलाज करेंगे। एक अहम फैसला करते हुए सभी स्टेट ब्रांच को मेडिकल कालेज खोलने स्वीकृति दी गई है, जिसमें 25 फीसदी सीटें डाक्टर के बच्चाें के लिए रिजर्व रहेंगी। सभा में मुरादाबाद से अलका गुप्ता, डा. नीरज गुप्ता, डा. बबीता गुप्ता, डा. राजेश सिंह, डा. पूनम सिंह आदि मौजूद रहे।