डॉ. प्रवीण शाह बताते हैं कि युवती के परिजन उससे मिलने आते हैं, लेकिन दरवाजे से उसे देखकर ही लौट जाते हैं। संक्रमण की वजह से अस्पताल के पैनल सदस्यों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को युवती तक जाने की अनुमति नहीं है। परिवार के सदस्यों और दोस्तों से फोन, वीडियो कालिंग पर बात करती है।
डाक्टरों का और अन्य स्टाफ का सम्मान करती है। जीने की इच्छाशक्ति से ही उसके स्वास्थ्य में तेजी से रिकवरी हुई है। तीसरा सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आते ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।