बच्चे को अपनाने से मना किया
उधर, सिपाही ने बेटे को अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों की बैठक में तय किया गया कि युवती के बच्चे और सिपाही का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। दिल्ली की एक लैब में सिपाही और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया गया। प्रशिक्षु सिपाही के परिवार का दावा है कि डीएनए मैच नहीं हुआ है।
उन्होंने युवती को अपने घर में रखने से साफ इनकार कर दिया और बच्चे को अपनाने से मना कर दिया है। बृहस्पतिवार को युवती अपनी मौसी और चचेरे भाई के साथ एसपी सिटी से मिली। युवती ने बताया कि उसे नहीं बताया गया था कि डीएनए टेस्ट के लिए उसके बेटे को ले गए हैं।
उसे केवल यह बताया गया था कि बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है डॉक्टर के पास लेकर जा रहे हैं। अब पुलिस दोबारा डीएनए टेस्ट कराएगी। इस पर युवती तैयार हो गई है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सीएमओ से बात कर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। उसके बाद साफ हो जाएगा कि बच्चा प्रशिक्षु सिपाही का है या नहीं। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो साल की कॉल डिटेल निकलवाएगी पुलिस
मुरादाबाद। पुलिस इस मामले में तह तक जाने में जुट गई है। एसपी सिटी के आदेश पर युवती और प्रशिक्षु सिपाही की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। जिससे साफ हो जाएगा कि सिपाही और युवती के बीच कब-कब बातचीत हुई थी। सिपाही अगर सच बोल रहा है तो यह भी सामने आएगा कि युवती से कोई और तो बात नहीं करता था। इसके अलावा पुलिस उन डॉक्टरों से पूछताछ करेगी। जिन्होंने डीएनए टेस्ट रिपोर्ट तैयार की है।
प्रशिक्षु सिपाही ने किया किनारा, युवती की मां की हालत बिगड़ी
करीब एक माह से दर-दर भटक रही युवती बृहस्पतिवार को बच्चे को गोद में लेकर एसपी सिटी ऑफिस पहुंची। युवती से प्रेमी ने पहले ही किनारा कर लिया है अब बृहस्पतिवार को युवती के साथ उसके अपने नजर नहीं आए। युवती अपनी मौसी और एक रिश्ते के भाई के साथ एसपी सिटी दफ्तर पहुंची। उसके मां बाप और भाई नहीं आए। मौसी ने बताया कि बेटी के इस तरह दर-दर भटकने की वजह से मां की हालत बिगड़ गई है। पिता मेहनत मजदूरी करते हैं और भाई अभी छोटा है।