विवादित बयान और प्रतिक्रिया
सीओ अनुज चौधरी ने होली और जुमा के अवसर पर पीस कमेटी की बैठक में कहा था कि होली साल में एक और जुमा 52 बार आता है। अगर किसी को रंग से परहेज है तो वह घर से बाहर न निकले। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि अगर ईद की सिवइयां खिलानी हैं तो होली की गुजिया भी खानी पड़ेगी। उनका यह बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया था।
क्लीन चिट निरस्त, अब दोबारा जांच होगी
साल में होली एक बार और जुमा का दिन 52 बार आता है, समेत कई बयानों को लेकर हुई जांच में संभल सीओ अनुज चौधरी को मिली क्लीनचिट अब निरस्त कर दी गई। शिकायतकर्ता आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की आपत्ति के बाद यह क्लीन चिट डीजीपी की ओर से निरस्त की गई है।
अब इस मामले की दोबारा जांच की जाएगी। इसमें शिकायतकर्ता से साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। एएसपी श्रीश्चंद्र ने शिकायतकर्ता को तीन दिनों में आरोपों के संबंध में सुसंगत साक्ष्य और कथन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अमिताभ ठाकुर ने अनुज चौधरी की शिकायत डीजीपी से की थी।
जिसमें कहा था कि सीओ लगातार सेवा नियमावलियों तथा वर्दी नियमावलियों का उल्लंघन कर रहे हैं। बिना अधिकारिकता के बयानबाजी करते हैं। पुलिसिंग तथा अपने कार्यों को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने, सेवा नियमावलियों से इतर कार्य कर माहौल को तनावग्रस्त करने में लगे हैं। आरोप यह भी लगाया था कि एक वर्ग विशेष में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है।
इस संबंध में एएसपी श्रीश्चंद्र द्वारा जांच की गई थी। जिसमें आरोप गलत पाए गए थे। दो लोगों के बयान भी दर्ज किए गए थे। इसके बाद क्लीनचिट दे दी गई थी। क्लीनचिट दिए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने आपत्ति की और उनका पक्ष नहीं लेने का जांच अधिकारी पर आरोप लगाया था। इसी क्रम में अब शासन द्वारा जांच के निर्देश दिए हैं।