निकाय चुनाव में भी गुटबंदी आई थी सामने
निकाय चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के अंदर घमासान था लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। परिणाम यह निकला कि अंदरूनी विवाद के चलते सपा प्रत्याशी लड़ाई से बाहर हो गए। भाजपा ने मेयर पद का चुनाव जीता लेकिन कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही।
आजम खां को नहीं मानता अपना नेता : डीपी यादव
जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए डीपी यादव का कहना है कि वह आजम खां को अपना नेता नहीं मानते हैं। उनके नेता डॉ. रामगोपाल यादव हैं। चुनाव के दौरान पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को मुरादाबाद का सिंबल दिया था लेकिन समय से सिंबल नहीं आने के कारण रुचि वीरा प्रत्याशी हो गईं। इस मामले में उनका कोई दोष नहीं था। पार्टी ने किन कारणों के चलते हटाया है। इस बारे में पता नहीं है।
लोकसभा चुनाव जिताना लक्ष्य : जयवीर यादव
सपा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने बताया कि उनको पहले से पता नहीं था। अचानक प्रदेश अध्यक्ष का पत्र मिलने के बाद पता चला कि उन्हें जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सबसे पहले वह रूठे हुए पार्टी के नेताओं को मनाएंगे।
सभी लोगों को लोकसभा चुनाव जिताने के लिए तैयार करेंगे। पार्टी की नीतियों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे। सभी का लक्ष्य पार्टी को लोकसभा चुनाव जिताना रहेगा।
तीसरी बार पार्टी ने जयवीर पर जताया भरोसा
समाजवादी पार्टी ने तीसरी बार जयवीर सिंह यादव पर भरोसा जताया है। पार्टी ने 2011 में पहली बार जयवीर सिंह यादव को जिलाध्यक्ष बनाया था। इसके बाद 2020 में दूसरी बार पार्टी ने उन्हें जिले की कमान दी। एक साल पद पर रहने के बाद पार्टी ने उन्हें निकाय चुनाव से पहले हटा दिया था। अब लोकसभा चुनाव के बीच तीसरी बार जयवीर पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है।