समझौता वार्ता के बाद बृहस्पतिवार शाम सफाईकर्मियों द्वारा खत्म की गई हड़ताल के बाद असंतुष्ट काफी कर्मचारी शुक्रवार सुबह फिर हड़ताल पर चले गए। सफाई कार्य ठप रख बंगलागांव और गुलाबबाड़ी स्थित गोदाम पर सुबह पहुंच कर सफाई वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया। बाद में पीलीकोठी स्थित कार्यालय पहुंच कर नगर आयुक्त के कैंप कार्यालय का घेराव किया और प्रदर्शन किया।
बाद में समझौता वार्ता हुई जिसमें अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने कर्मचारियों को चार दिन का दिन का वेतन बढ़ाकर देने, चार अवकाश का पैसा न कटने का आश्वासन दिया। इस पर सभी सफाईकर्मी मान गए और काम पर लौट गए। सफाई कर्मियों के इस आंदोलन के चलते तीसरे दिन भी दोपहर बाद तक शहर की सफाई व्यवस्था ठप रही।
सफाईकर्मियों की दो प्रमुखों मांगों 15 हजार रुपये मानदेय, लॉयन कंपनी को 20 वार्डों की सफाई का दिया गया ठेका निरस्त करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार सफाई कर्मचारी नेताओं व अधिकारियों के बीच समझौता वार्ता हुई थी। दोनों मांगों पर मिले आश्वासन से सफाईकर्मी संतुष्ट हो गए थे। सफाईकर्मियों का तर्क था कि मेरठ और गाजियाबाद में 30 दिन का मानदेय मिलता है जबकि 26 दिन का। लिहाजा मेरठ जैसी व्यवस्था यहां भी लागू की जाए। समझौता वार्ता में अधिकारियों ने मेरठ और गाजियाबाद से मानदेय से संबंधित अभिलेख मंगाकर उसे लागू करने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद संतुष्ट होकर सफाईकर्मियों ने बृहस्पतिवार शाम को हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद से निगम अधिकारियों ने राहत की सांस ली थी।
अधिकारियों का मानना था कि शुक्रवार सुबह कूड़ा उठान की व्यवस्था तेजी के साथ शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अधिकांश सफाईकर्मियों ने हड़ताल की और सफाई गोदामों पर पहुंच कूड़ा ढोने के वाहनों को नहीं निकलने दिया। बाद में यह सभी कर्मचारी नगर आयुक्त के कैंप कार्यालय पीलीकोठी पहुंच कर प्रदर्शन व नारेबाजी करने लगे। आंदोलनकारियों का कहना था कि वह बृहस्पतिवार को हुए समझौते से संतुष्ट नहीं है। वह चाहते हैं कि निगम प्रशासन स्पष्ट तौर से घोषणा करे कि मेरठ, गाजियाबाद की व्यवस्था यहां भी लागू होगी और वेतन बढ़ कर मिलेगा। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों की ओर से वार्ता के लिए भेजे गए धर्मेंद्र मुल्तानी, मयंक हंसराज, नीरज परासर से वार्ता के बाद घोषणा कर दी कि अगर मेरठ व गाजियाबाद में बढ़ कर भुगतान मिल रहा है तो यहां भी मिलेगा। महीने में मिलने वाली चार छुट्टियों का पैसा भी नहीं कटेगा। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। अपर नगर आयुक्त के आग्रह पर नवरात्र और रमजान को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी काम पर वापस लौट गए। इसी के साथ शहर में तेजी के साथ शहर में कूड़ा उठाने का काम भी तेज हो गया। इसके बाद निगम अधिकारियों व शहर के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है।
ये रहे समझौता वार्ता में शामिल
अधिकारियों की ओर से एएसपी/सीओ सिविल लाइंस सागर जैन, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त (प्रथम) अतुल कुमार, मुख्य अभियंता (निर्माण), नगर निगम के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अविनाश गौैतम, प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल एसके शाही, सिविल लाइंस थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह, सफाई कर्मचारियों की ओर से मयंक हंसराज, धर्मेंद्र मुल्तानी, नीरज मौजूद रहे।
बुलेट प्रूफ जैकेट पहन अधिकारियों के साथ नगर आयुक्त ने किया भ्रमण
समझौैता वार्ता के बावजूद दूसरे नगर आयुक्त संजय चौहान ने एडीएम (सिटी) आलोक कुमार, एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, सीओ कटघर आशुतोष तिवारी के साथ भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दल के जवानों के साथ शहर के उन सफाई गोदामों का भ्रमण किया जहां शुक्रवार सुबह सफाईकर्मियों ने गोदाम से वाहन नहीं निकलने दिए थे। भ्रमण के दौरान नगर आयुक्त ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।