भारतीय जनता पार्टी में बगावत थमने का नाम नहीं ले रही। अब भाजपा नेता ऋषि भारद्वाज, रिटायर्ड पीसीएस अफसर बीके सैनी और विमला राघव ने शहर सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। टिकट बंटवारे को लेकर तीनों नेताओं की नाराजगी बताई जा रही है।
हालांकि बीके सैनी चुनाव लड़ने का कारण नाराजगी की जगह अपने समाज की सेवा करने की बात कह रहे हैं। वहीं ऋषि भारद्वाज इसे भाजपा नेताओं की धोखेबाजी का जवाब देने का मौका बता रहे हैं। दोनों नेता शहर के जातिगत समीकरणों के आधार पर अपनी-अपनी जीत होने का दावा भी कर रहे हैं।
इनके अतिरिक्त ठाकुर, ब्राह्मण और सैनी समाज के कई नेता चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं। गुटबाजी से जूझती भाजपा अपने नेताओं की बगावत रोक पाने में असमर्थ दिखाई दे रही है। टिकट बंटवारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेताओं के पुतले फुंकने का सिलसिला अभी थमा भी नहीं है कि नेताओं ने चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है।
इसी सिलसिले में ऋषि भारद्वाज ने चुनाव लड़ने का मन बनाया है। ऋषि कहते हैं कि पार्टी ने उन्हें धोखा दिया है। वार्ड के चुनाव में जब उन्होंने टिकट मांगा तो विधानसभा चुनाव की बात कहकर रोक दिया गया। अब मनमाने ढंग से टिकट दिया गया। ऋषि कह रहे हैं कि धोखे का जवाब देने का यह मौका है।
वह बुधवार को सुबह 11 बजे अंबेडकर पार्क से नामांकन के लिए रवाना होंगे। हाल ही में भाजपा में सक्रिय हुए बीके सैनी का नाम भी शहर सीट के लिए तेजी से चर्चाओं में आया। टिकट के दावेदारों में भी सैनी शामिल रहे। सैनी कहते हैं कि विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी पूरी तैयारी है।
समाज की सेवा के लिए वह चुनाव लड़ेंगे। 27 जनवरी को नामांकन कराएंगे। उधर, जिले की कद्दावर भाजपा नेता रह चुकीं विमला राघव ने भी चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। फिलहाल विमला सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। वह भाजपा में महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं। टिकट बंटवारे को लेकर इनकी भी नाराजगी बताई जा रही है।
बताया जाता है कि 27 जनवरी को वह नामांकन करेंगी। वह शिवसेना से भी चुनाव लड़ सकती हैं। ये भी हैं मैदान में - भारत विकास परिषद समर्पण शाखा के दो बार अध्यक्ष रहे राजीव दुबे शहर सीट और विवेक गुप्ता एडवोकेट देहात सीट पर आरक्षण विरोधी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। दोनों बुधवार को अंबेडकर पार्क से सुबह 10 बजे नामांकन के लिए रवाना होंगे।