मुरादाबाद। एसपी रेल कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए एसआई (एम) अरुण कुमार शर्मा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में फंस गए हैं। एंटी करप्शन यूनिट की जांच में उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। शुक्रवार को उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
सिविल लाइंस थाने में एंटी करप्शन यूनिट मुरादाबाद की निरीक्षक राखी ने मेरठ जनपद के परतापुर थानाक्षेत्र के शताब्दी नगर निवासी अरुण कुमार शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज कराया है। जिसमें उन्होंने बताया कि अरुण कुमार के खिलाफ शासन को एक शिकायत की गई थी। जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। शासन से एंटी करप्शन यूनिट मुरादाबाद को जांच आवंटित की थी। यहां निरीक्षक राखी ने जांच की। जांच में सामने आया कि अरुण कुमार शर्मा 1 अगस्त 1981 से रेलवे में एएसआई (एम) के पद पर नियुक्त हुए थे। पहली तैनाती आगरा में हुई थी। इसके बाद मुरादाबाद में एसपी रेल कार्यालय में उनकी तैनाती हो गई थी।
यहां उनकी पदोन्नति एसआई (एम) के पद पर हो गया। 31 दिसंबर 2015 को सेवानिवृत्त हो गए थे। आरोप है कि अरुण कुमार शर्मा ने एक जनवरी 2004 से 21 दिसंबर 2015 के बीच भ्रष्टाचार कर भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया। इस समयावधि में अरुण कुमार के वेतन और सभी एरियर को मिलाकर कुल वैध आय 52 लाख 33 हजार 21 रुपये बनते हैं, जबकि संपत्ति खरीदने और परिवार के भरण पोषण समेत अन्य जगह उन्होंने कुल 98 लाख 30 हजार 963 रुपये खर्च कर दिए। जांच में सामने आया है कि अरुण ने अपनी आय से 4597942 रुपये अधिक खर्च किए हैं। सहायक पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने बताया कि एंटी करप्शन यूनिट की निरीक्षक की ओर से केस दर्ज कराया गया है।