मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात अनुदेशक और शिक्षा मित्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों को जुलाई से अब तक मानदेय नहीं मिला है। अक्तूबर माह में दशहरा और दीवाली है। त्यौहार कैसे मनाएंगे, इसको लेकर कर्मचारी परेशान हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में 1800 शिक्षा मित्र और 247 अनुदेशकों की तैनाती हैं। नियमित शिक्षकों की तरह ही अनुदेशक और शिक्षा मित्र स्कूलों में शिक्षण कार्य करते हैं। बावजूद इसके इनका मानदेय काफी कम है। इसके लिए भी कर्मचारियों को जूझना पड़ रहा है। अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का मानदेय नहीं मिला है। सितंबर में विभागीय खाता भी पीएफ विभाग ने सीज कर दिया है। अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों का विभाग ने सालों से करोड़ों रुपये पीएफ जमा नहीं किया था। पीएफ खाता सीज होने के बाद कर्मचारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। परियोजना निदेशालय से दो महीने की मानदेय की ग्रांट जारी है, लेकिन खाता सीज होने से कर्मचारियों को मानदेय नहीं मिल पाया है।
अनुदेशकों का कहना है कि मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उधारी लेकर जैसे-जैसे बच्चों की स्कूल फीस जमा कराई है। अक्तूबर माह में त्योहार हैं। मानदेय नहीं मिलने से दीवाली फीकी हो जाएगी।
- स्कूलों में बेसिक शिक्षा परिषद और सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षा मित्रों की तैनाती है। परिषद के मात्र 21 शिक्षा मित्र हैं और उनका नियमित मानदेय दिया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान का खाता सीज है, जिसके चलते शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का मानदेय जारी नहीं हो रहा है। - हेमंत आर्य, लेखाधिकारी
- जुलाई माह से कर्मियों को मानदेय नहीं मिला है। इससे कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अक्तूबर त्योहारी सीजन है। इसमें भी मानदेय नहीं मिला तो कर्मियों को काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ेगा। परियोजना निदेशालय से दो माह की ग्रांट जारी भी हो चुकी है। जिला स्तर से मानदेय जारी नहीं हो रहा है। - विष्णु भारद्वाज, जिला उपाध्यक्ष, अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन