पीआरवी नंबर यूपी 32 डीजी 0237। यह उस कार का नंबर है जो प्रिंस को लेकर भाग रहे किडनैपर अमरपाल के बारे में बीकॉम स्टूडेंट सचिन की सूचना पर महज आठ मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई। यूपी डायल 100 की पीआरवी की इस कार की रफ्तार ने किडनैपर के कदमों पर न केवल ब्रेक लगाया बल्कि किडनैपर को भी सलाखों तक पहुंचाया।
इस वजह से इस कार को उत्तर प्रदेश में पीआरवी ऑफ द डे चुना गया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक यातायात/ आईटेक्स प्रकोष्ठ ने 29 जनवरी को सूबे की सभी पीआरवी में से नंबर वन चुना है। इसके लिए एक लेटर जारी किया गया है।
इसमें पीआरवी में तैनात कमांडर सत्यप्रकाश, सब कमांडर अमित कुमार और पायलट नीरज कुमार को नंबर वन चुना गया है। यह टीम सूचना मिलने के बाद हूटर बजाते हुए जाम वाले क्षेत्र से भी गुजरी थी, काशीराम से नया गांव आठ मिनट में पहुंच गई थी और प्रिंस क ो आरोपी के कब्जे से बरामद किया था।
इस टीम को एसपी सिटी अभिषेक यादव ने पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया था, टीम को एसएसपी ने बधाई दी थी। बता दें कि 29 जनवरी को भूड़ का चौराहा निवासी चंद्रकु मार प्रजापति का बेटा प्रिंस(4) मां के साथ आरके जैन अस्पताल कटघर गया था।
यहां से प्रिंस को अमरपाल निवासी रहटौल, जिला संभल ने किडनैप कर लिया था, उसे नया गांव ले आया था। यहां पर उसने प्रिंस को दो लाख रुपये में बीकॉम स्टूडेंट सचिन के परिवार में बेचना चाहा, लेकिन सचिन ने डायल 100 पर सूचना दे दी, पीआरवी 237 की टीम ने आरेापी को गिरफ्तार किया था।