पीतलनगरी स्थित मुरादाबाद हस्तशिल्प सेवा केंद्र (एमएचएससी) में डिजाइन बैंक और डाई सेंटर बनाने की निर्यातकों की मांग पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सहमति जताई। इसके लिए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने पांच साल में घटे जिले के निर्यात पर भी चिंता जताई। कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित निर्यातकों की परेशानी के लिए डीएम एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने सर्किट हाउस में जिले के निर्यातकों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में ईपीसीएच, एमएचईए, यस, आईआईए समेत कई निर्यात संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। निर्यातकों ने कहा कि उनकी फैक्टरियों में नगर निगम, प्रदूषण, श्रम विभाग के अधिकारी आए दिन पहुंच जाते हैं और नियमों का हवाला देकर उत्पीड़न करते हैं।
बैठक में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी इस बात को स्वीकार किया। तब मंत्री ने कहा कि डीएम तय करें कि निर्यातकों का उत्पीड़न न हो। समस्याओं के समाधान के लिए एक नोडल अधिकारी बनाएं। एमएचईए के सचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मुरादाबाद में लैब होने के बावजूद हमारे उत्पाद मानकों पर चेक होने के लिए दिल्ली जाते हैं।
डाई कास्टिंग की मशीनें नोएडा, लुधियाना, जालंधर में लगी हैं। मुरादाबाद के पास अपना डिजाइन बैंक न होने से छोटे निर्यातकों को बहुत समस्या आती है। मंत्री ने एमएचएससी में डिजाइन बैंक व डाई सेंटर के लिए अधिकारियों से प्रस्ताव बनाने को कहा। साथ ही जीएसटी संबंधित समस्याओं को जीएसटी काउंसिल की बैठक में उठाने का भरोसा दिया।
बैठक में नगर विधायक रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, एडीजीएफटी वृंदा मनोहर देसाई, डीएम अनुज सिंह, ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना, सीओए अवधेश अग्रवाल, यस के चेयरमैन जेपी सिंह, एमएचईए के अध्यक्ष नवेदुर्रहमान, संरक्षक नजमुल इस्लाम, राकेश खन्ना, गोपाल मेहता, रोहित ढल आदि निर्यातक मौजूद रहे।