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लखीमपुर के तालाब की गंबूजिया मछली से मुरादाबाद में होगी डेंगू की रोकथाम

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मुरादाबाद। लखीमपुर के तालाब में पाई जाने वाली गंबूजिया मछली से मुरादाबाद जिले में डेंगू की रोकथाम के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। डीएम शैलेंद्र सिंह ने लखीमपुर से इस मछली को मंगवाकर जिले के अगवानपुर स्थित एक तालाब में इसे संरक्षण के लिए छोड़ा है। जल्द ही जिले के 20 तालाबों में इसे छोड़ने की योजना है।
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जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह यहां आने से पहले लखीमपुर के डीएम रह चुके हैं। तराई के जिलों में शामिल लखीमपुर के तालाबों में गंबूजिया मछली काफी मात्रा में पाई जाती है। इस मछली का मुख्य भोजन मच्छर व मच्छर का लार्वा होता है। लखीमपुर में बतौर डीएम रहते हुए शैलेंद्र कुमार सिंह वहां डेंगू की रोकथाम में इस प्रजाति की मछली का प्रयोग वहां के तमाम तालाबों में करा चुके हैं। जिसका वहां लाभ भी देखने को मिला था। डीएम शैलेंद्र सिंह अब इस प्रयोग को मुरादाबाद में डेंगू की रोकथाम के लिए एक अभिनव प्रयास के तौर पर करने का निर्णय लिया है। इसी के तहत उन्होंने जिला लखीमपुर से गंबूजिया नस्ल की मछली जो पानी में पैदा होने वाले मच्छर के लार्वा को खत्म करने में सक्षम होती है को सहायक निदेशक मत्स्य को अगवानपुर में चिह्नित तालाब में इस प्रजाति की मछलियों को प्रयोग के तौर पर संरक्षित करने के लिए छोड़वाया। जिलाधिकारी ने बताया कि मच्छरों का लार्वा खास कर टीबी से संबंधित को यह मछलियां खा जाती है। इसको समाप्त करने का यह नेचुरल तरीका है। उन्होंने बताया कि अभी यह शुरुआत में 20 तालाबों में प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद अगले साल तक जिले के पानी रहने वाले सभी तालाबों में गंबूजिया मछली का प्रयोग किया जाएगा।
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