महाविद्यालय के प्राचार्यों ने नवीन शिक्षा नीति के सकारात्मक परिणाम तथा क्रियान्वयन में आने वाली कुछ आंशिक समस्याओं और उनको दूर करने के लिए अपने सुझाव दिए। सभी इस बात को लेकर एकमत थे कि इस नीति से संबंधित संपूर्ण जानकारी शासन द्वारा विशाल स्तर पर संगोष्ठियों व कार्यशालाओं का आयोजन महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कराई जाएं, जिससे महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में नवीन शिक्षा नीति के संबंध में सामंजस्य स्थापित किया जा सके।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय कृष्ण यादव ने विश्वविद्यालय स्तर पर नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन संबंधी किए जा रहे प्रयासों एवं परिवर्तनों के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही विश्वविद्यालय पोर्टल पर छात्र हित प्रकोष्ठ, महाविद्यालय समस्या निवारण प्रकोष्ठ को स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर हर संभव सुविधा एवं निवारण सुनिश्चित किया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा शुल्क, परिणाम, उपाधि एवं अन्य समस्याओं के निवारण के लिए शीघ्र ही निर्धारित समय निवारण प्रणाली की शुरूआत होगी, ताकि एक निश्चित समय में समस्याओं का निराकरण किया जा सके। बैठक में समन्वयक क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी संध्या रानी, डाॅ. विनोद कुमार, डाॅ. जी कुमार, प्रोफेसर डाॅ. नरेश कुमार, डाॅ. मंयक शर्मा समेत रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, संभल के 10 शासकीय महाविद्यालय, 17 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय, निजी महाविद्यालयों के प्राचार्य आदि मौजूद रहे।