मुरादाबाद। लोकोशेड पुल के निकट स्थित तालाब को गुपचुप ढंग से पाटने का पिछले कई दिनों से रातोंरात चल रहा है। यहां नगर निगम का तालाब है, लेकिन इसके बावजूद उसके अधिकारियों को इसकी जानकारी शुक्रवार तक नहीं थी। शनिवार को इसकी जानकारी होने पर नगर निगम की टीम पहुंची लेकिन इसके बाद भी मिट्टी पटान का काम कर रहे लोगों को रोका नहीं। सिर्फ अपनी भूमि में तूदाबंदी कर वापस लौट गई। लेकिन मौके पर पहुंची एमडीए की टीम ने मौके पर पहुंच कर मिट्टी पटान के काम को रुकवा दिया।
लोकोशेड पुल के निकट करीब 10 एकड़ क्षेत्र में पानी भरा है। एक साल पहले नगर निगम प्रशासन ने गुगल मैप के आधार पर इस तालाब का चिह्नीकरण कर इसे अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था। नगर निगम प्रशासन ने तालाब तक पहुंचने के लिए गड्ढे पाट कर रास्ता भी बनाया। नाले पर भी स्लेब डाली, लेकिन सुंदरीकरण से पहले ही इसका लगा बोर्ड वहां से गायब हो गया। हालांकि जब संयुक्त सीमांकन हुआ तो स्थिति बदल गई। जिसके कारण इसके सौंदर्यीकरण का काम लटक गया है।
नगर निगम की इस ढिलाई का लाभ उठा कर कुछ लोग रात में पिछले कई दिनों से तालाब के किनारे मिट्टी, मलबा आदि डाल कर उसे पाटना शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी होने पर नगर निगम के प्रभारी पर्यावरण अभियंता अभिषेक कुमार शनिवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां मौजूद कुछ लोग प्लाॅटिंग के तैयारी करते मिले। जिन्हें नगर निगम के तालाब की भूमि पर किसी तरह का पटान न करने की हिदायत दी और नगर निगम के तालाब क्षेत्र की तूंदाबंदी करा वापस चले गए। इसी बीच एमडीए की प्रवर्तन दल की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने बताया कि वह लोग जहां पटान का काम कर रहे हैं वह ग्रीनबेल्ट के लिए आरक्षित है। लिहाजा वहां पटान न किया जाए। एमडीए टीम की इस कार्रवाई से पिछले कई दिनों से तालाब का पटान करने वालों में खलबली है।