स्टेशन के सामने दिल्ली रोड के नीच पाइप लाइन बदलने के लिए खुदाई काम किया गया। जिसके चलते दिल्ली रोड बंद कर दिया गया। खुदाई के कारण हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि इसकी घोषणा पहले ही कर दी गई थी। रास्ता बंद होने के कारण बसों और अन्य छोटे वाहनों का रूट बदला गया।
रेलवे की स्टेशन कालोनी में पिछले कई महीने से जलभराव की समस्या से कालोनीवासी परेशान थे।
पानी की निकासी के लिए कई इंतजाम किए, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। खुदाई के बाद पता चला कि अंडरग्राउंड पाइप लाइन जाम हो चुकी है। कालोनी की नालियों के पानी को निकालने वाला पाइप जो दिल्ली रोड के नीचे होते हुए स्टेशन साइड में सीवर लाइन में मिलता है पूरी तरह बंद हो चुका था। इसके स्थान पर दूसरा पाइप डालने का काम किया जाना था। रेलवे ने पाइप लाइन बदलने के लिए 27 और 28 जून रात में रास्ता बंद करने की स्वीकृति ली। स्वीकृति मिल जाने के बाद सोमवार रात आठ बजे से काम शुरू किया गया। आधा रास्ता खोदकर वहां से पुराने हंप पाइप को निकाला गया। उसके स्थान पर दूसरा पाइप डाला जाएगा। बाकी का काम मंगलवार को किया जाएगा।
पाइप बदलने के कारण स्टेशन के सामने ट्रैफिक को बंद कर दिया गया। आधे रोड पर खुदाई काम किया जा रहा था। तो आधा रास्ते पर खुदाई से निकली मिट्टी जमा कर दी गई। इससे लगभग पूरा ही रास्ता बंद था। वहां से केवल पैदल और बाइक ही निकल पा रही थीं। जबकि कार आटोरिक्शा आदि को पारकर रोड, जीएमडी रोड और बुध बाजार होत हुए इंपीरियल तिराहे पर आकर दिल्ली रोड पर आ रहे थे। जबकि रामपुर की दिशा से आने वाले वाहनों को इंपीरियल तिराहे से बुध बाजार की ओर मोड़ा गया।
बाईपास से निकाले बड़े वाहन
मुरादाबाद। रास्ता बंद होने के कारण बड़े वाहनों बस और ट्रक को बाईपास होकर निकाला गया। इसके लिए दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को गांगन के पास से लाकड़ी फाजलपुर से होते हुए ट्रांसपोर्टनगर, कोहिनूर तिराहा, पंडित नगला बाईपास होते हुए शहर में रूट बनाया गया। वहीं रामपुर की ओर से आने वाले वाहनों को इसी रूट से होते हुए गांगन पर निकालकर महानगर पास कराया।
स्टेशन आने जाने वाले को हुई दिक्कत
मुरादाबाद। दिल्ली रोड बंद किए जाने के कारण स्टेशन आने जाने वालों को विशेष रूप से दिक्कत हुई। स्टेशन की ओर जाने वाले वाहनों को पारकर रोड और इंपीरियल तिराहे पर से पहले ही मोड़ दिया गया। ट्रेन पकड़ने या किसी को स्टेशन से रिसीव करने वालों को वहीं रोक दिया गया। वहां से उन्हें स्टेशन तक पैदल जाना पड़ा। कोई अपनी कार लेकर भी गया तो उसे कार वहीं रोकनी पड़ी। ट्रेन से उतरकर स्टेशन से बाहर आने वालों को आटो पकड़ने के लिए पैदल ही इंपीरियल तिराहा और पारकर रोड तक आना पड़ा।
पुलिस का किया गया इंतजाम
मुरादाबाद। ट्रैफिक रोके जाने कारण किसी प्रकार के विरोध को देखते हुए पुलिस का भी इंतजाम किया गया। स्टेशन परिसर में जीआरपी के जवान तैनात किए गए तो स्टेशन के बाहर ट्रैफिक और सिविल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया। जिससे व्यवस्था बनाई जा सके।
अमर उजाला की खबर पर हुआ काम
मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन कालोनी में जलभराव की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अमर उजाला में कालोनी के हालात को दिखाया तो अधिकारी भी जाग गए। मामला जीएम तक पहुंच गया। इसके बाद कालोनी की समस्या से निजात दिलाने के लिए पाइप बदलने की स्वीकृति दी गई। सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके वर्मा ने बताया कि अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया तब जाकर यह काम हो पा रहा है।
नरक में जी रहे थे कालोनी के लोग
मुरादाबाद। स्टेशन कालोनी को आदर्श कालोनी घोषित किया गया है। लेकिन वहां जल भराव की समस्या से लोगों का जीना मुश्किल हो गया था। नालियों में सीवर का पानी और गंदगी बह रही थी। थोड़ी सी बारिश से गंदगी घरों में घुस जा रही थी। कालोनी वालों ने कई बार अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। आरडब्ल्यू ने भी नालियों की सफाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।