रईसुद्दीन संभल-काशीपुर के लिए ट्रक चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनका घर गांव के बाहर हसनपुर-संभल रोड किनारे हैं। सोमवार को सिहाली जागीर के रहने वाले उनके साले रियासत अपनी बेटी महक के साथ आए हुए थे। जबकि धनौरा के रहने वाले साढू़ आस मोहम्मद की बेटी कशिश भी रईसुद्दीन के घर आई हुई थी। सभी लोग खाना खाने के बाद घर के कमरे में सोए थे। इस दौरान उन्होंने ठंड से बचने के लिए कोयल का अलाव जलाकर कमरे में रख लिया। जिसके चलते रात में कोयले से निकले धुएं के कारण परिवार के सभी सदस्यों का दम घुट गया। इस घटना की भनक आसपास के लोगों को भी नहीं लगी। मंगलवार की दोपहर रईसुद्दीन ने अपने घर के नंबर पर फोन किया तो किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। लिहाजा उन्होंने अपने छोटे भाई गबरू को फोन करके पत्नी हुसन जहां से बात करने के लिए कहा।
करीब पांच बजे जैसे ही गबरू घर पहुंचे तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। तभी आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। गबरू समेत कुछ लोग छत से सहारे घर में दाखिल हुए। इस दौरान देखा सभी लोग अचेत अवस्था में पड़े हुए हैं। उनके मुंह से छाग आ रहे थे। तभी ग्रामीणों ने घर में लगे शीशे तोड़ दिए और सभी लोगों को कमरे से बाहर निकाला। तुरंत ही रियासत, हुसन जहां, माहिर, जैद, सोनम, महक और कशिश को सैदनगली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने माहिर, जैद, सोनम, महक और कशिश को मृत घोषित कर दिया। जबकि रियासत और हुसन जहां को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर कर दिया। पांच लोगों की मौत की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। तुरंत ही एडीएम सुरेंद्र सिंह और एएसपी राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।